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Sri Lanka Crisis: राजनेताओं ने की प्रधानमंत्री के साथ बैठक, 21वें संशोधन को जल्द से जल्द पारित करने पर रहा जोर

Fri, 27 May 2022 09:59 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका के नेताओं ने शुक्रवार को हुई बैठक में राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने के लिए संविधान संशोधन को जल्द से जल्द पारित करने पर सहमति जताई। इसके अलावा श्रीलंका की अकेली रिफाइनरी में भी आज लंबे समय बाद काम शुरू हो गया।
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श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भीषण आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के वरिष्ठ राजनेताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के साथ एक बैठक की। इस दौरान मुख्य संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा की गई और इस बात पर सहमति जताई गई कि राष्ट्रपति को मिलीं निरंकुश शक्तियों की सीमित करने वाले संविधान के 21वें संशोधन संशोधन को जल्द से जल्द पारित किया जाना चाहिए। 
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21वां संशोधन 20ए को रद्द करेगा जो श्रीलंका के राष्ट्रपति को असीमित शक्ति देता है। 20ए को 19वें संशोधन को समाप्त करते हुए लगाया गया था जिसने संसद को राष्ट्रपति से अधिक शक्तिशाली बनाया था। इस बैठक में तमिल नेशनल अलायंस (टीएनए) शामिल नहीं हो पाया था इसलिए यह तय किया गया कि इसकी मौजूदगी के साथ अंतिम बैठक अगले शुक्रवार को आयोजित की जाएगी।

विपक्षी जेवीपी ने कहा, विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री बनने योग्य नहीं
श्रीलंका की विपक्षी पार्टी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) ने कहा है कि रानिल विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य नहीं हैं क्योंकि जनता 2020 के चुनाव में उन्हें खारिज कर चुकी है। आज हुई बैठक में जेवीपी ने भी हिस्सा नहीं लिया था। इसके साथ ही पार्टी ने संविधान संशोधन के लिए प्रस्तावों की एक श्रंखला पेश की और कहा कि इन संशोधनों से प्रधानमंत्री को मिलने वाली शक्तियां बढ़ेंगी।
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दो महीने बाद शुरू हुआ देश की एकमात्र रिफाइनरी में काम
दो महीने से अधिक समय से बंद पड़ी श्रीलंका की एकमात्र रिफाइनरी में शुक्रवार को काम शुरू हो गया और इससे रूसी कच्चा तेल मिलना भी शुरू हो गया। सपूगस्कांदा तेल रिफाइनरी पांच दशक से भी अधिक पुरानी है। इसकी क्षमता 50 हजार बैरल प्रति दिन है।  आजाद होने के बाद से सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा यह द्वीपीय देश इस चुनौती से निपटने की कोशिश कर रहा है।

भारत की श्रीलंका को मदद, पहुंचाईं 25 टन जरूरी दवाइयां
भारत ने आर्थिक संकट के कारण जरूरी दवाइयों की कमी से जूझ रहे श्रीलंका को 25 टन दवाइयां सौंपीं। इनकी कीमत 26 करोड़ श्रीलंकाई रुपये है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी। कार्यवाहक उच्चायुक्त विनोद के जैकब ने श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री केहेलिया रामबुकवाला को कोलंबो में यह खेप सौंपी।

आईएनएस घड़ियाल पर मानवीय मदद के तौर पर श्रीलंकाई मछुआरों के लिए केरोसिन भी लाया गया है। अन्य सामान जल्द ही लाभार्थियों को वितरित किया जाएगा। पिछले माह भारत ने श्रीलंका के लिए उधारी सीमा 50 करोड़ डॉलर बढ़ा दी थी, क्योंकि द्वीपीय देश के पास तेल आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा नहीं थी।
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भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर आईएनएस घड़ियाल के श्रीलंका में मानवीय मदद पहुंचाने की प्रशंसा की।
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