वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और वर्तमान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कैथोलिक धर्म में पले-बढ़े हैं। लेकिन उनका भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साई बाबा के प्रति गहरा सम्मान है, जिनका निधन 2011 में हुआ था।
इस देश में किसी की भी धार्मिक पहचान को समझना जटिल है। लोग अक्सर कई धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को मिलाकर अपनाते हैं। मादुरो और रोड्रिगेज के लिए उस मिश्रण में सत्य साई बाबा की शिक्षाएं शामिल हैं। सत्य साई बाबा ने 50 वर्षों से अधिक समय तक धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं को पार करते हुए एकता और प्रेम का संदेश दिया था। उनके दुनियाभर में अनुयायी हैं।
गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने मनाई थी सत्य साई बाबा की जन्मशती
- निकोलस मादुरो ने राष्ट्रपति रहते हुए अपने भाषणों में अक्सर मसीह, पवित्र आत्मा और ईश्वर का जिक्र किया।
- उन्होंने अपनी सरकार के संघर्षों को वेनेजुएला की आत्मा और स्वतंत्रता की आध्यात्मिक लड़ाई के रूप में पेश किया।
- तीन जनवरी को अमेरिकी सैनिकों की ओर से गिरफ्तार किए जाने से कुछ हफ्ते पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर साई बाबा की जन्मशती मनाई थी।
- इसके साथ उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इस महान शिक्षक का ज्ञान हमें प्रेम, शांति और उच्च आध्यात्मिकता वाले देश के निर्माण के मिशन में रोशनी देता रहे।
- कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 2024 में दक्षिण भारत में साई बाबा के आश्रम का दौरा किया था।
- उन्होंने पिछले महीने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि वेनेजुएला के लोग 'एक नए दौर का सामना कर रहे हैं, जहां सह-अस्तित्व, आपसी सम्मान और दूसरों की मान्यता नई आध्यात्मिकता के निर्माण मदद करता है।
- उन्होंने 2023 में एक इंटरव्यू में कहा था कि कठिन समय में भी उन्हें गुरु की मौजूदगी महसूस होती है।
- उन्होंने कहा था- कई बार जब मैं संकट में थी, बाबा मेरे, मेरे परिवार और मेरे देश के साथ महसूस हुए। वह हमेशा हमारे साथ हैं। हमें सिखाते हैं और शांति और प्रेम का मार्ग दिखाते हैं।
शीर्ष नेताओं की साई बाबा के प्रति श्रद्धा
अमेरिकी सेना ने तीन जनवरी को मादुरो और उनकी पत्नी सिसिलिया फ्लोरेस को काराकास स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया और उन्हें ड्रग तस्करी के संघीय आरोपों का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के समय मादुरो ने खुद को 'ईश्वर का आदमी' बताया और दोषमुक्त करने की मांग करते हुए अपील दायर की।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत में कई समाचार पत्रों ने 2005 की एक तस्वीर प्रकाशित की। इसमें मादुरो और उनकी पत्नी साई बाबा के चरणों में बैठे हैं। मादुरो अपने कार्यालय में साई बाबा की बड़ी तस्वीर भी रखते थे। 2011 में साई बाबा के निधन पर मादुरो ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया। 2025 में उनकी जन्मशती पर उन्होंने उन्हें निःस्वार्थ सेवा, प्रेम और सत्य का प्रकाश स्तंभ बताया। साई बाबा के संगठन के वीडियो में रोड्रिगेज को उनके आश्रम और मुख्यालय में प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है। वह गुरु के अंतिम विश्राम स्थल पर जाती हैं। इस विश्राम स्थल को उनके अनुयायी आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत मानते हैं।
वेनेजुएला में साई बाबा का संगठन
साई बाबा का संगठन मादुरो के सत्ता में आने से पहले ही वेनेजुएला में था। 22 अगस्त 1974 को काराकास में पहला केंद्र खोला गया। वर्तमान में यह संगठन ताचिरा राज्य के अबेहालेस शहर में केंद्रित है, जहां यह 'मानव मूल्य विद्यालय' चलाता है। वेनेजुएला में संगठन के अनुमानित 2 लाख और दुनियाभर में करोड़ों अनुयायी हैं।
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साई बाबा एक प्रभावशाली लेकिन विवादित व्यक्तित्व
साई बाबा का जन्म रत्नाकरम सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ। उन्होंने खुद को शिरडी साई बाबा का अवतार बताया। 1970 और 1980 के दशक में उनके चमत्कारिक कृत्यों के कारण वह दुनियाभर में मशहूर हुए। साई बाबा अपने अनुयायियों को अपने धर्म का पालन करने के लिए प्रेरित करते थे। उनका संदेश था, सबसे प्रेम करो, सभी की सेवा करो। हमेशा मदद करो, कभी नुकसान न पहुंचाओ। उनके अनुयायियों में बॉलीवुड कलाकार, क्रिकेटर, व्यवसायी और लाखों आम भारतीय शामिल हैं।
साई बाबा पर कुछ आलोचनाएं भी हुईं। उन पर चमत्कार करने को दिखावा करने और आपराधिक आरोप भी लगे। लेकिन कभी कोई मामला साबित नहीं हुआ। उनके आज भी कई अनुयायी हैं। डॉ. सैमुअल सैंडवाइस 1972 से लगभग 80 बार उनसे मिले। उन्होंने देखा कि साई बाबा ने विभूति और सोने की अंगूठियां दिखाई। सैंडवाइस ने कहा कि मादुरो और वेनेजुएला के अन्य नेताओं का साई बाबा का अनुयायी होना आश्चर्यजनक नहीं है। मैंने उन्हें हर तरह के लोगों के साथ देखा। उनका मुख्य संदेश था कि प्रेम सभी धर्मों से ऊपर है और हमें एकजुट रहना है।