क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलयेशिया दौरे पर मास्टर स्ट्रोक खेला है? ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने मलयेशिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों के बीच दो बातों पर विशेष जोर दिया। पहली बात में उन्होंने 2026 में पहले विदेश दौरे पर मलयेशिया आकर अपना वादा पूरा करने की बात कही, जबकि दूसरे हिस्से में उन्होंने कुआलालंपुर से लेकर कोच्चि तक खानपान की संस्कृति को एक जैसा बताया। प्रधानमंत्री के संबोधन में राजनीतिक बातों की तरफ भी इशारा किया गया। तमिलनाडु का जिक्र कर उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का नाम भी लिया। तमिल को वैश्विक संस्कृति बताते हुए पीएम मोदी ने अंंग्रेजी भाषा के शब्द- IMPACT को नए सिरे से परिभाषित करने का प्रयास भी किया।
अनवर इब्राहिम के पीएम बनने से भी पहले की है दोस्ती
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, सामुदायिक उत्सव में अनवर इब्राहिम की मौजूदगी उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने भारत-मलयेशिया मित्रता के वर्तमान स्तर और भविष्य की संभावनाओं पर अनवर इब्राहिम द्वारा कही गई बातों के लिए भी धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि मलयेशियाई प्रधानमंत्री खुद उन्हें हवाई अड्डे पर लेने पहुंचे, इतना ही नहीं, वे उन्हें अपनी कार में स्वयं यहां तक लाए। यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और भारतीय समुदाय के प्रति गहरे सम्मान और स्नेह का प्रतीक है।