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Pakistan Politics: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की 11 जून को रिहाई की अटकलें तेज, क्या झुक जाएगी पाकिस्तानी सेना?

Mon, 09 Jun 2025 03:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।

सार

Pakistan Politics: पीटीआई अध्यक्ष गौहर अली खान ने दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 11 जून को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में जमानत मिल सकती है, जिससे उनकी रिहाई की संभावना जताई जा रही है। गौहर ने यह भी स्पष्ट किया कि इमरान की रिहाई किसी समझौते के तहत नहीं होगी।
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इमरान खान का असिम मुनीर पर तंज - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक शीर्ष नेता ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द जेल से रिहा हो सकते हैं। उनकी इस बात से संकेत मिलता है कि सेना प्रमुख असीम मुनीर आखिरकार खान के सामने झुक सकते हैं। न्यूज एजेंसी 'पीटीआई' के मुताबिक, 'पीटीआई अध्यक्ष गौहर अली खान ने दावा किया अगस्त 2023 से रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद इमरान खान को 11 जून को जमानत मिल सकती है।' 

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यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही इमरान खान ने खुद को पीटीआई का संरक्षक घोषित किया था और जेल से ही राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एलान किया था। गौहर का दावा उन खबरों के बाद भी आया है, जिनमें कहा गया कि इमरान की रिहाई को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। हालांकि, इमरान खान ने खुद इन खबरों को सिरे से खारिज किया है। जनता में इमरान खान के लिए बढ़ते समर्थन और जेल से ही देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने के उनके फैसले ने सेना प्रमुख असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा दिया है। पहले से ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते बैकफुट पर चल रहे मुनीर अब इमरान के सामने पीछे हटते दिख रहे हैं।

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हालांकि, इमरान खान ने अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। लेकिन गौहर अली खान ने कराची के एआरवाई न्यूज के हवाले से कहा कि 11 जून का दिन इमरान खान और उनकी पत्नी दोनों के लिए अहम होगा। गौहर ने यह भी स्पष्ट किया कि इमरान खान की रिहाई किसी भी समझौते के तहत नहीं होगी।

अल-कादिर ट्रस्ट मामले की सुनवाई 11 जून तक टाल चुकी हाईकोर्ट
इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहले ही अल-कादिर ट्रस्ट मामले की सुनवाई को 11 जून तक के लिए टाल चुकी है। इमरान खान पर कई केस चल रहे हैं और वह अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। वह अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हैं। उनकी पार्टी पीटीआई लगातार प्रदर्शन करती रही है, जिसमें नवंबर 2024 में इस्लामाबाद की घेराबंदी भी शामिल थी। जनवरी 2024 में इमरान की पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। उन पर राज्य को मिले तोहफों को गैरकानूनी तरीके से बेचने का आरोप है।

असीम मुनीर और इमरान खान का लंबे समय से चल रहा टकराव
इमरान खान का असीम मुनीर से टकराव लंबे समय से चला आ रहा है। वह मुनीर पर उनकी सरकार गिरवाने और उन्हें जेल भिजवाने का आरोप लगाते हैं। खान का कहना है कि बुशरा बीबी की गिरफ्तारी भी मुनीर की निजी दुश्मनी का नतीजा है। उन्होंने इसे 'बदले की भावना' बताया था और कहा था कि जेल में उनकी पत्नी के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।

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इमरान खान ने किया है देशव्यापी आंदोलन का एलान
गौहर अली खान का यह दावा कि खान को 11 जून को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में जमानत मिल सकती है, तब आया है जब इमरान ने हाल ही में खुद को पीटीआई का संरक्षक घोषित किया है और जेल से ही देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने का एलान किया है। उन्होंने अपनी पार्टी को निर्देश दिया है कि जनादेश चोरों के खिलाफ जन आंदोलन के लिए तैयार रहें। 

ऑपरेशन सिंदूर से बढ़ गया पाकिस्तानी सेना पर दबाव
असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान सेना पहले ही देश में अशांति और अस्थिरता का सामना कर रही है। अब भारत की ओर से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद उस पर और भी दबाव बढ़ गया है। ऑपरेशन सिंदूर दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आंतकी हमले के जवाब किया गया था। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। भारत की सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान की सैन्य रणनीति की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया। चार दिन चले संघर्ष में हार के बावजूद मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया, जिसे कई लोग उनकी अपमान से बचने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। 

 

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