हाल ही में कोरोना वायरस से स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर लौटने वाले अधिकांश मरीजों में पाया गया कि उनके शरीर में विभिन्न विशिष्ट एंटीबॉडीज और टी. कोशिकाएं पैदा होती हैं। इस अध्ययन में पता चला है कि यह शोध इस घातक बीमारी के खिलाफ प्रभावी टीका बनाने में लाभदायी साबित हो सकता है। यह अध्ययन ‘इम्युनिटी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन में 14 मरीजों का परीक्षण किया गया जिनमें विभिन्न तरह की रोग प्रतिरोधी प्रतिक्रियाएं देखी गईं। इनमें से छह के अस्पताल से छुट्टी के बाद हुए परीक्षण में पता चला कि एंटीबॉडी ठीक हुए मरीजों के घर जाने के समय तक बरकरार रहे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि वायरस का कौन सा हिस्सा इन रोग प्रतिरोधी प्रतिक्रियाओं को सक्रिय करने में ज्यादा प्रभावी हैं।
इसलिए उन्हीं हिस्सों को लक्षित करते हुए संभावित टीके बनाने होंगे। हालांकि चीन की शिंगहुआ यूनिवर्सिटी के अलावा अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं ने भी पाया कि यह साफ नहीं है कि प्रतिरोधी प्रतिक्रियाओं का स्तर अलग-अलग मरीजों में भिन्न-भिन्न क्यों है।