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South Africa: गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में प्रवासी सम्मान पुरस्कार विजेताओं ने की भारत की सराहना

Fri, 27 Jan 2023 06:33 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, जोहान्सबर्ग

सार

प्रेसीडेंसी में पूर्व मंत्री पहाड़ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मिशनों द्वारा आयोजित किसी भी समारोह में शामिल होना हमेशा एक विशेषाधिकार था क्योंकि भारत के साथ संबंध दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी के समय से चले आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में भारत के महावाणिज्यदूतावास में 74वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस मौके पर जोहान्सबर्ग में भारत के महावाणिज्यदूत महेश कुमार ने दक्षिण अफ्रीकी प्रवासी सम्मान पुरस्कार विजेताओं के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया। तीन दक्षिण अफ्रीकी प्रवासी सम्मान पुरस्कार विजेताओं ने स्वागत समारोह में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गहरे संबंधों पर चर्चा की।

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समारोह के दौरान प्रेसीडेंसी में पूर्व मंत्री डॉ एसोप पहाड़ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मिशनों द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल होना हमेशा एक विशेषाधिकार था क्योंकि भारत के साथ संबंध दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी के समय से चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कभी नहीं भूलें कि भारतीय स्वतंत्रता के जनक गांधी ने अपना संघर्ष दक्षिण अफ्रीका में शुरू किया था और यहीं से उन्होंने  आंदोलन में जनता को लामबंद करने के महत्व को सीखा।

दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध
उन्होंने कहा कि दुनिया में शायद सबसे पुराना पार्टी-टू-पार्टी संबंध भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और दक्षिण अफ्रीका में कांग्रेस आंदोलन के बीच है। भारत कई वर्षों से हमेशा कांग्रेस आंदोलन और एएनसी का समर्थक रहा है। पहाड़ ने कहा कि रंगभेद के कारण दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध लगाने वाला भारत दुनिया का पहला देश था। पहाड़ ने कहा, भारत से संबंध बहुत गहरे, बहुत मजबूत हैं और सौ साल से अधिक समय तक हमें जो समर्थन दिया है उसके लिए हम हमेशा भारत के आभारी रहेंगे।
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भारत की आजादी में गांधी का अहम योगदान
पहाड़ के एक सहयोगी प्रेमा नायडू ने कहा कि उनके दादा थम्बी नायडू दक्षिण अफ्रीका के संघर्ष के दौरान गांधी के लेफ्टिनेंट थे। भारत ब्रिटिश उपनिवेशवाद से मुक्त होने वाला पहला देश था। इन 75 वर्षों में कुछ महान नेताओं जैसे गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और कई अन्य को देखा। दुर्भाग्य से, आज उनके बारे में कुछ नहीं कहा जाता है, लेकिन उन्होंने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

दुनिया के शीर्ष देशों में से एक भारत
मध्य प्रदेश के इंदौर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रवासी सम्मान पुरस्कार प्राप्त करने वाले मोहन हीरा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि भारत अब दुनिया के शीर्ष देशों में से एक है। हीरा ने कहा, मैं गर्व से दक्षिण अफ्रीकी हूं लेकिन मेरी जड़ें अभी भी भारत में हैं। परिवार और संपत्ति गुजरात में है और मैं नियमित रूप से उनसे मिलने जाता हूं। नवनियुक्त महावाणिज्यदूत महेश कुमार ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के साथ साझेदारी करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा सहित संयुक्त सहयोग से कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
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