बेंजीन एक तरल रसायन है, जो आमतौर पर रंगहीन होता है, लेकिन कभी-कभी यह कमरे के सामान्य तापमान पर पीले रंग का दिखता है। बेंजीन के उच्च स्तर के संपर्क में आने से शरीर में रक्त कणिकाएं सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं। कभी-कभी लाल रक्त कणिकाएं बनना बंद हो जाती हैं या फिर व्हाइट ब्लड शेल्स कम होने लगती हैं, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली बेहद कमजोर हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी 'रिसर्च ऑन कैंसर' ने बेंजीन की पहचान एक कार्सिनोजेन के रूप में की है। कार्सिनोजेन को सबसे अधिक जोखिम वाली श्रेणी ग्रुप-1 में रखा गया है।
बता दें कि कार्सिनोजेन (carcinogen) ऐसा पदार्थ, विकिरण या अन्य चीज होती है, जिस से शरीर में कर्क रोग (कैंसर) पैदा होने की संभावना बन जाए।