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ब्रिटेन में नवजात के जन्म के 12 घंटे के भीतर ही कोरोना की हुई पुष्टि

Mon, 08 Jun 2020 03:57 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

  • कोरोना संक्रमित छह गर्भवती महिलाओं के नवजात बच्चों में कोरोना की पुष्टि
  • दुनिया का पहला मामला जहां 12 घंटे के अंदर ही नवजात को हुआ कोरोना
  • वैज्ञानिक बच्चों में कोरोना के संक्रमण होने का कारण का पता  लगा रहे  
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जन्म लेने के साथ ही बच्चे को भी हुआ कोरोना वायरस - फोटो : social media
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विस्तार
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ब्रिटेन में कोरोना संक्रमित छह गर्भवती महिलाओं ने शिशु को जन्म दिया तो उनमें भी कोरोना की पुष्टि हो गई। डॉक्टरों के लिए यह मामला पहेली बन गया है कि आखिर बच्चों को संक्रमण मां के गर्भ से हुआ या जन्म के बाद। शोध के अनुसार, शायद दुनिया का यह पहला मामला है जहां जन्म के 12 घंटे के भीतर ही बच्चों में वायरस की पुष्टि हुई है।

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सभी बच्चों का इलाज नियोनेटल यूनिट में चल रहा है। ब्रिटेन के ऑब्सटेट्रिक सर्विलांस सिस्टम के अध्ययन में पता चला है कि एक मार्च से 14 अप्रैल के बीच कुल 427 महिलाओं को भर्ती किया गया, जिसमें 247 गर्भवती थीं। डॉक्टरों का कहना है कि या तो जन्म के साथ ही शिशुओं में संक्रमण मां के गर्भ से आया या जन्म के तुरंत बाद वह संक्रमण की चपेट में बच्चा आया। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर मारियन नाइट का कहना है कि सभी छह बच्चों में संक्रमण जन्म के बाद हुआ, लेकिन यह तय हो ऐसा संभव नहीं है।

कारणों का पता लगाने में जुटे विशेषज्ञ
उनका कहना है कि अब यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों में संक्रमण कैसे हुआ। क्योंकि प्रसव के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी जरूरी नियमों का पालन किया था। सबसे अच्छी बात यह है कि बच्चों को मां के दूध से संक्रमण नहीं हुआ। ऐसे बच्चों को संक्रमित मां का दूध पिलाने से वंचित नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों को दूसरी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ हो सकती है।
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गर्भवती महिलाओं को खतरा कम
डॉ. मारियन का कहना है कि बहुत कम गर्भवती महिलाओं की स्थिति संक्रमण की चपेट में आकर गंभीर हुई है और कुछ की ही मौत हुई है। अब तक जो विश्लेषण किया गया है उससे पता चलता है कि कोरोना वायरस से अन्य महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाएं ज्यादा सुरक्षित हैं। ब्रिटेन में 1,000 में से औसतन 5 महिलाओं को संक्रमण हुआ और 10 में से एक को ही आईसीयू की जरूरत पड़ी है।

बीमार और अधिक उम्र वालों को खतरा
वैज्ञानिकों के अनुसार, सभी गर्भवती महिलाओं को संक्रमण का खतरा नहीं है। जिन महिलाओं का वजन अधिक है, पहले से किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे मधुमेह से पीड़ित हैं, उन महिलाओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। शोध के अनुसार बीमार होने वाली अधिकतर गर्भवती महिलाएं जो कोरोना की चपेट में आई हैं उनकी हालत गंभीर हुई। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती महिलाएं घर में रहें और अस्पताल जाते वक्त सावधान रहें।

मुंबई में 115 में से तीन बच्चों में संक्रमण
मुंबई के लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल अस्पताल में पिछले एक महीने के भीतर करीब 115 बच्चों का जन्म हुआ जिनकी मां कोरोना संक्रमित थीं। इसमें से सिर्फ तीन बच्चों में वायरस की पुष्टि हुई। दो महिलाओं की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसमें एक महिला की मौत प्रसव से पहले हो गई थी।

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