ताई ने उस दौरान जॉगिंग करना शुरू कर दिया था। 2020 में कोविड 19 के दौरान लोगों को गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए घर छोड़ने की अनुमति नहीं थी, जबकि सूरजश्रीकन भी एक नियमित धावक थे।
भारतीय मूल के एक 22 वर्षीय युवक को सिंगापुर की अदालत ने चाकू से एक युवक की हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास और 15 बेंत लगाने की भी सजा सुनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 मई 2020 को सूरजश्रीकन दिवाकर मणि त्रिपाठी ने जॉगिंग के दौरान 38 वर्षीय ताई रुई हाओ को चाकू मार दिया था। उपचार के दौरान 11 मई को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए सूरजश्रीकन से चाकू बरामद किया था।
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सूरजश्रीकन और और ताई रुई हाओ पुंगगोल में रहते थे, लेकिन एक दूसरे को नहीं जानते थे। ताई रुई हाओ ने उस दौरान जॉगिंग करना शुरू कर दिया था। 2020 में कोविड 19 के दौरान लोगों को गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए घर छोड़ने की अनुमति नहीं थी, जबकि सूरजश्रीकन भी एक नियमित धावक थे।
जानकारी के मुताबिक, हत्या की घटना के वक्त सूरजश्रीकन दौड़ रहे थे, तभी वह दौड़ते वक्त एक बस स्टॉप के पास गिर गए। उधर, ताई रुई हाओ ने उसे पीछे छोड़ा दिया। तभी सूरजश्रीकन गुस्से में आ गए। गुस्से पर काबू पाने के लिए करीब 10 मिनट तक वह इधर-उधर घूमता रहा। लेकिन बाद में उसने चाकू से ताई पर हमला कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को कॉल कर सहायता मांगी। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पतल में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ताई रुई हाओ के शरीर पर 10 गहरे घाव मिले थे।