चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग साल के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक मुलाकात के लिए भारत आएंगे। चीन का कहना है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते को बाधित करने वाले किसी भी मामले को अनुमति नहीं दी जाएगी और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सुदृढ़ तरीके से आगे बढ़ाने के लिए और अधिक पहल की जाएगी।
भारत में चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि दोनों देशों में दो मजबूत नेताओं के साथ, संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं। वीदोंग ने कहा कि बीते साल वुहान में दोनों नेताओं के बीच हुई अनौपचारिक बैठक के बाद से दोनों देशों का रिश्ता विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने आगे कहा, "इस साल दोनों नेता एक और अनौपचारिक बैठक करने जा रहे हैं। मुझे विश्वास है, हमारे द्विपक्षीय रिश्ते में ये हमारी प्राथमिकता रहेगी, जिससे हमारे रिश्ते नई ऊंचाईयों तक जाएंगे।"
अधिकारियों का कहना है कि शी के भारत दौरे के लिए बातचीत जारी है। संभावना है कि दौरा इस साल अक्तूबर माह में हो सकता है। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान वाराणसी में मुलाकात हो सकती है। दक्षिण एशिया के मामलों के जानकार दिग्गज चीनी राजनयिक वीदोंग ने चीन के राजदूत के तौर पर पाकिस्तान में भी काम किया है।
जहां बीजिंग 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के साथ इस्लामाबाद के साथ अपने सभी संबंधों को मजबूत कर रहा है। जिसका भारत विरोध कर रहा है क्योंकि ये परियोजना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजर रही है, जिसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।