‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ और ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ एक-दूसरे की संप्रभुता को मान्यता नहीं देते। दोनों खुद को आधिकारिक चीन मानते हुए मेनलैंड चाइना और ताइवान द्वीप का आधिकारिक प्रतिनिधि होने का दावा करते रहे हैं। दरअसल, जिसे हम चीन कहते हैं उसका आधिकारिक नाम ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ है।
वहीं जिसे ताइवान के नाम से जानते हैं, उसका अपना आधिकारिक नाम ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ है। दोनों के नाम में चाइना जुड़ा हुआ है। ताइवान 1950 से ही स्वतंत्र रहा है लेकिन चीन इसे अपना विद्रोही राज्य मानता है।
एक ओर जहां ताइवान खुद को स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र मानता है, वहीं चीन का मानना है कि ताइवान को चीन में शामिल होना चाहिए और इसके लिए चाहे बल प्रयोग ही क्यों न करना पड़े। बता दें कि चीन किसी भी उस देश के साथ राजनयिक संबंध नहीं रखता जो ताइवान को एक स्वतंत्र देश की मान्यता देता है।