रविवार को यमन के पास लाल सागर में एक व्यापारिक जहाज पर भारी हमला हुआ, जिसके बाद वह जलने लगा। हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाईं और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला किया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बाद में बम से लदी ड्रोन बोट्स ने भी उस जहाज को निशाना बनाया। अभी तक यह साफ नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन है, लेकिन यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरा मध्य पूर्व पहले से ही तनाव में है- जैसे इस्राइल-हमास युद्ध, ईरान-इस्राइल संघर्ष और अमेरिका की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमला।
कैसे किया गया हमला?
- यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले होदेदा शहर से लगभग 100 किमी दक्षिण-पश्चिम में हुआ।
- ब्रिटिश नौसेना की यूनाइटेड किंगडम मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि जहाज पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की, हालांकि बाद में जहाज में आग लग गई।
- प्राइवेट समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने बताया कि जहाज पर आठ छोटी नौकाओं से हमला हुआ।
- उसके बाद दो बम लदी ड्रोन बोट्स जहाज से टकराईं, जिससे जहाज में आग लग गई।
- दो अन्य ड्रोन बोट्स को जहाज के सुरक्षागार्डों ने नष्ट कर दिया।
- अमेरिकी सैन्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा है कि उन्हें इस घटना की जानकारी है और जांच जारी है।
यह भी पढ़ें -
Lebanon: 'इस्राइल के दक्षिणी लेबनान से पीछे हटने तक नहीं डालेंगे हथियार', हिजबुल्ला प्रमुख कासिम की चेतावनी
हमले के लिए कौन जिम्मेदार?
- अब तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक हूती विद्रोहियों पर जताया जा रहा है।
- हूती विद्रोही पहले भी रेड सी में कई जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर चुके हैं।
- एम्ब्रे का कहना है कि यह जहाज हूती विद्रोहियों की टारगेट प्रोफाइल में फिट बैठता है, हालांकि उन्होंने और जानकारी नहीं दी।
हूती विद्रोहियों पर हमले की आशंका
यमन के हूती विद्रोही पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उनका दावा है कि वे गाजा में इस्राइल के हमले के विरोध में ऐसा कर रहे हैं। एक जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2023 से जनवरी 2025 तक हूतियों ने 100 से ज्यादा जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इनमें से दो जहाज डूब गए और चार नाविकों की मौत हुई। इस कारण लाल सागर के व्यापार मार्ग पर असर पड़ा, जहां हर साल लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार होता है।
यह भी पढ़ें -
Israel: हमास के संघर्ष विराम समझौते को इस्राइल ने ठुकराया, जानिए किन मुद्दों पर अटकी है बात
हूतियों की स्थिति, यमन में गृहयुद्ध
बता दें कि, मार्च 2025 में अमेरिका ने हूती ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया था, जिसके बाद हूतियों ने अपनी खुद के घोषित संघर्ष विराम को तोड़ दिया। हालांकि इसके बाद से उन्होंने सीधे किसी जहाज को नहीं निशाना बनाया, लेकिन इस्राइल की ओर मिसाइलें दागी जाती रही हैं। उधर, यमन में पिछले 10 वर्षों से चल रहा गृहयुद्ध- हूती विद्रोहियों और निर्वासित यमनी सरकार के बीच- अब भी सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से जारी है। लेकिन युद्ध एक तरह के जमीनी गतिरोध में फंसा हुआ है।
समुद्री डकैती का खतरा भी
इसके साथ ही सोमालिया के समुद्री डकैत भी इस क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। हालांकि उनका मकसद आम तौर पर जहाज को लूटना या फिर चालक दल को बंधक बनाकर फिरौती वसूलना होता है।