पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सांप्रदायिक झड़प में कम से कम दो शिया लोगों की मौत हो गई। जबकि तीस से ज्यादा घायल हो गए। जिससे अधिकारियों को इलाके में अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
शिया और सुन्नी समुदायों के बीच सांप्रदायिक झड़प पंजाब प्रांत के मियांवाली जिले के कालाबाग शहर में हुई। यह हिंसा सोमवार शाम शुरू हुई और मंगलवार रात तक चलती रही। पुलिस के मुताबिक, इस झड़प में दो शिया लोगों की मौत हो गई और तीस से ज्यादा लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अरद्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
दोनों समुदायों के बीच तनाव उस समय बढ़ा, जब शिया समुदाय ने इमाम हुसैन के चेहल्लुम के मौके पर एक जुलूस निकालने की योजना बनाई। इस जुलूस को एक विशेष मार्ग पर ले जाने का सुन्नी समुदाय ने विरोध किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुन्नी समुदाय ने आपत्ति जताई थी कि शिया समुदाय को ऐसे मार्ग पर जुलूस निकालने की अनुमति न दी जाए, जहां उनकी मस्जिदें हैं। हालांकि, शिया समुदाय किसी पाबंदी की परवाह किए बिना जुलूस निकालने पर अड़ गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिया समुदाय विवादित मार्ग पर जुलूस निकालने पर अड़ा रहा, जिससे सांप्रदायिक झड़प शुरू हुई। सोमवार शाम शुरू हुई झड़पें मंगलवार रात तक जारी रही। झड़प में 33 लोग गोलियों से घायल हुए, जिनमें से दो शिया पुरुषों की मौत हो गई। जबकि चार की हालत गंभीर है। स्थिति पर काबू पाने के लिए अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि सुन्नी पुरुषों ने शिया जुलूस पर गोलीबारी की, जिससे हथियारबंद झड़प शुरू हुई। हिंसा में घायल अधिकांश शिया समुदाय के हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधित लश्कर-ए-झंगवी के लोग इस घटना में शामिल हो सकते हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक उस्मान अनवर ने इलाके में चार लोगों से ज्यादा के एकत्र पर प्रतिबंध लगा दिया है। अर्धसैनिक रेंजर्स औऱ पुलिस कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कालाबाग में गश्त कर रही है। शांति बनाए रखने की कोशिश में विभिन्न धार्मिक विचारधाराओं के मौलवियों ने जिले का दौरा किया।