पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में कहा था कि यदि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा चुना जाता है तो दोनों देशों के बीच शांति वार्ता होने के आसार ज्यादा हो जाएंगे। उनके इस बयान पर विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का बयान आया है। उनका कहना है कि खान की टिप्पणी को संदर्भ से इतर लिया गया।
विदेश मंत्रालय की स्थायी समिति को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि खान के बयान को अप्रासंगिक तौर पर लिया गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में विदेशी पत्रकारों से बातचीत करते हुए खान ने कहा था कि यदि मोदी दोबारा सत्ता में आते हैं तो भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता बेहतर हो सकती है।
उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा जीतती है तो कश्मीर मुद्दे पर किसी एक नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। यदि कांग्रेस आगामी चुनाव में जीतती है तो भाजपा से डर कर कश्मीर के मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने से पीछे हट सकती है।
खान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के मोदी को लेकर दिए विचार रिकॉर्ड में हैं। केवल भारतीय मतदाता लोकसभा चुनाव में किसी की जीत या हार को सुनिश्चित कर सकते हैं। कुरैशी ने इमरान खान के बयान को भारतीय मीडिया पर सनसनीखेज बनाकर पेश करने का आरोप लगाया।
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी जो पाकिस्तान की जमीन से संचालित हो रहा है। इसके बाद भारत ने जैश के आतंकी कैंपों पर हवाई हमले किए थे। जिसका पलटवार करते हुए पाकिस्तान ने अपने एफ-16 विमान को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए भेजा था। मगर भारतीय वायुसेना ने उसके इरादों को नाकाम कर दिया और उसके विमान को मार गिराया था। हालांकि इसमें विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था लेकिन दो दिनों बाद उनकी स्वदेश वापसी हो गई थी।