47 में से दो लोगों को रिहा कर दिया गया है। कुछ प्रतिवादियों ने दावा किया था कि विधायिका में बहुमत सीटें सुरक्षित करने की योजना कभी सफल नहीं होगी। हालांकि, न्यायाधीशों ने इस तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने इसे सफल बनाने का हर संभव प्रयास किया।
हॉन्ग कॉन्ग के सबसे बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में बीजिंग द्वारा लगाए गए एक व्यापक कानून के तहत मंगलवार को दर्जनों प्रदर्शनकारियों को 10 साल के लिए जेल में डाल दिया गया। इन सभी के खिलाफ 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत एक अनऔपचारिक चुनाव में उनकी भागीदारी के लिए 2021 में मुकदमा चलाया गया था। उनपर हॉन्ग कॉन्ग की सरकार को अपंग बनाने और बहुमत हासिल करने वाले नेता को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने और सरकारी बजट अंधाधुंध तरीके से अवरुद्ध करने की कोशिश करा आरोप लगाया गया है। कुल 45 लोगों को चार साल और दो से 10 साल तक की सजा सुनाई गई है।
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न्यायाधीशों ने फैसले में कहा कि चुनाव के माध्यम से परिवर्तन की कोशिश ने सरकार के अधिकार को कमजोर कर दिया होगा और इसेस संवैधानिक संकट पैदा हुआ होगा। 47 में से दो लोगों को रिहा कर दिया गया है। कुछ प्रतिवादियों ने दावा किया था कि विधायिका में बहुमत सीटें सुरक्षित करने की योजना कभी सफल नहीं होगी। हालांकि, न्यायाधीशों ने इस तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने इसे सफल बनाने का हर संभव प्रयास किया।
न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव में बहुत अधिक समय के साथ धन भी लगाया गया था। उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया कि योजना असफल होने के लिए शापित थी। उन्होंने आगे बताया कि उन लोगों की सजा कम कर दी गई है, जिन्होंने यह बताया था कि उन्हें विधायिका में बहुमत हासिल करने की योजना के बारे मालूम नहीं था। सजा को लेकर विदेशी सरकारों और विश्व स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की।
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हॉन्ग कॉन्ग में अमेरिकी वाणिज्य दूत ने बताया कि अमेरिका 45 लोगों को दी गई सजा की निंदा करता है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने कहा कि उनकी सरकार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक गॉर्डोन एनजी और अन्य कार्यकर्ताओं की सजा से चिंतित है। एक स्थानीय समर्थक ने कहा कि वह दोषी कार्यकर्ताओं को फिर से देखना चाहते हैं। दरअसल, 10 वर्षीय ग्रैंडपा वोंग को डर है कि , जब कार्यकर्ता जेल से रिहा होंगे तो वे उन्हें नहीं देख पाएंगे।