सऊदी अरब में शाही परिवार के कई वरिष्ठ सदस्यों ने 60 करोड़ डॉलर (लगभग 4600 करोड़ रुपये) से ज्यादा की अपनी संपत्ति बेच दी है। उन्होंने जिन चीजों को बेचा है, उनमें रियल एस्टेट, याच (विलासितापूर्ण नौकाएं), कलाकृतियां आदि शामिल हैं। ये खबर अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी है। अखबार ने अपनी एक खास रिपोर्ट में बताया है कि इन सदस्यों ने युवराज मोहम्मद बिन सलमान की कड़ी निगरानी के कारण ये बिक्री की है।
ऐसी खबरें पहले से रही हैं कि प्रिंस सलमान ने शाही परिवार के सदस्यों की आमदनी के जरिए सीमित कर दिए हैं। पहले इन्हीं स्रोतों से धन जुटा कर ये लोग विदेश में अपनी देनदारियां पूरी करते थे। सऊदी शाही परिवार के सदस्य विदेशों- खास कर पश्चिमी देशों में शाहखर्ची और अय्याशी के लिए चर्चित रहे हैं। लेकिन प्रिंस सलमान के हाथ में सत्ता आने के बाद से उनके लिए ऐसा करना मुश्किल होता गया है।
सऊदी अरब का शाही परिवार बहुत बड़ा है। इस परिवार से जुड़े लोगों की संख्या हजारों में बताई जाती है। पहले इन सबको बिजली और पानी जैसी सुविधाएं मुफ्त में मिलती थीं। इस पर सऊदी सरकार को करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ते थे। परिवार के कुछ सदस्यों का मासिक खर्च तो तीन करोड़ डॉलर तक का था। सत्ता हाथ में आने के बाद प्रिंस सलमान ने इस पर लगाम कसी है। उन्होंने शाही परिवार के सदस्यों को भी बिजली और पानी का बिल चुकाने पर मजबूर किया है।
जो संपत्तियां हाल में बेची गई हैं, उनमें साढ़े 15 करोड़ डालर का एक ब्रिटिश एस्टेट, 200 फीट से ज्यादा लंबे दो याच, मुग़ल जेवरात आदि शामिल हैं। इससे पहले 2020 में लंदन के नाइट्सब्रिज इलाके में स्थित एक महल को 29 करोड़ डॉलर में बेचा गया था। उधर पेरिस में एफिल टॉवर के पास मौजूद एक महल को आठ करोड़ 70 लाख डॉलर में बेचा गया।
शाही परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया- ‘ये लोग ऐसी जिंदगी जीते थे, जो हमारी से सोच से भी बाहर है। लेकिन अब उसका खर्च वे नहीं उठा पा रहे हैं। इस हाल में उन्हें एडजस्ट करने में कुछ समय लगेगा।’ जानकारों के मुताबिक शाही परिवार से सदस्य तेल और रियल एस्टेट की बिक्री कर हर साल अरबों डॉलर कमाते थे। सरकारी सौदों में भी उनकी कमाई होती थी। बताया जाता है कि शाही परिवार के जिन सदस्यों ने हाल में महंगी चीजें बेची हैं, उनमें कई वे भी हैं, जिन्हें प्रिंस सलमान के आदेश पर 2017 में हिरासत में लिया गया था।