कोरोना वायरस महामारी की वजह से ब्रिटेन में सात लाख लोगों की मौत हो सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के अध्ययन के अनुसार ब्रिटेन में सात लाख लोग इस जानलेवा वायरस से जान गंवा सकते हैं। यह संख्या द्वितीय विश्व युद्ध में हुई मौतों से भी ज्यादा है।
यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के अध्ययन में कहा गया है कि मंदी, गरीबी और लापरवाही की स्थिति में यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि बिना वैक्सीन के ब्रिटेन को कोविड-19 को हराने के लिए 2024 तक सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से मंदी भी आ सकती है। ऐसे में कोरोना वायरस, खराब स्वास्थ्य प्रणाली और गरीबी की वजह से पांच साल में 6.75 लाख लोगों की मौत हो सकती है।
यूनिवर्सिटी में रिस्क मैनेजमेंट के प्रोफेसर फिलिप थॉमस ने कहा कि लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर आने की नीति तभी प्रभावी है जब हम संक्रमण की दर एक से नीचे रखने में कामयाब होंगे। मंदी की स्थिति में गरीबी से भी उतनी ही मौतें होंगी, जितनी कोरोना से।
बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में एक जून तक बढ़ाया लॉकडाउन
वहीं ब्रिटेन में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों और मृतकों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी के बीच प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। बोरिस ने देश में लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नई रूपरेखा भी तैयार की है।
प्रधानमंत्री ने रविवार को देश में लगे लॉकडाउन को एक जून तक बढ़ाने का फैसला किया, साथ ही सार्वजनिक स्थानों को खोलने के लिए जुलाई के पहले हफ्ते की समयसीमा रखी। हालांकि बोरिस ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उन्होंने कहा कि जो लोग घर से काम कर सकते हैं वो करें लेकिन जिन्हें बाहर जाकर काम करने की जरुरत है, वे बाहर निकलकर काम कर सकते हैं।
बोरिस ने साथ ही लोगों से कहा कि वे नजदीकी पार्कों और घर के बाहर में अपने परिवार के साथ व्यायाम कर सकते हैं, खेल भी सकते हैं, जिन्हें किसी दूसरी जगह जाना, वे अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान मास्क लगाना सभी के लिए अनिवार्य होगा। जॉनसन ने साफ संकेत दिया है कि अगर मामले बढ़े तो पाबंदियां बढ़ाई जा सकती हैं।
जॉनसन ने कुछ छूट के साथ दिशानिर्देश जारी किये हैं।
- आप स्थानीय पार्क में सूरज के नीचे बैठ सकते है, किसी दूसरी जगह जा सकते हैं, खेल सकते हैं लेकिन सिर्फ अपने परिवार के लोगों के साथ।
- काम पर लौटने वाले लोग सार्वजनिक वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें।
- देश में आने वाले व्यक्ति को तुरंत क्वारंटीन होना पड़ेगा।
- बायोसिक्योरिटी सेंटर द्वारा नया अलर्ट सिस्टम लगाया जाएगा।
- प्राइमरी स्कूल्स एक जून से खुल सकेंगे, लेकिन उसका फैसला परिस्थिति को देखकर होगा।
- एक जुलाई से अधिक दुकानें और होटल खुल पाएंगे।