Serbia president Aleksandar Vučić
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सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने संसद को भंग कर दिया है। साथ ही उन्होंने 17 दिसंबर को स्थानीय चुनावों के साथ ही नई संसद के लिए मतदान कराने का आह्वान किया है। दो साल से भी कम समय में संसद भंग करने के पीछे घरेलू और यूरोपीय यूनियन का राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्बिया में साल 2022 में ही संसद के लिए चुनाव हुए थे। उस चुनाव में सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी ने जीत दर्ज की थी। वहीं, दो साल के भीतर ही पार्टी के नेता राष्ट्रपति वुसिक को बुधवार को संसद भंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बता दें कि सर्बिया यूरोपीय यूनियन में शामिल होना चाह रहा है। राष्ट्रपति वुसिक के इस निर्णय को इसी दिशा में उठाया जा रहा कदम कहा जा रहा है।
बता दें कि राष्ट्रपति वुसिक और सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी साल 2012 से सर्बिया की सत्ता में है। हालांकि, उन पर हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गए हैं। राष्ट्रपति वुसिक का यह कदम मई में एक के बाद एक गोलीबारी के कई मामलों के बाद उठाया गया है। इन घटनाओं में 18 लोग मारे गए थे। इन घटनाओं के तुरंत बाद संसद को भंग करने के निर्णय पर सर्बिया में यूरोपीय संघ समर्थक कई पार्टियों ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने नए चुनाव कराने की प्रदर्शनकारियों की मांगों को नजरअंदाज कर दिया है।
सर्बिया में यूरोपीय संघ समर्थक पार्टी ने घोषणा की सर्बिया एक गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट में है। उन्होंने कहा कि महीनों से विरोध कर रहे लोगों की मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया है। हमें राजनीति में जिम्मेदार लोगों की जरूरत है जो समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनका समाधान करें।
बता दें कि सर्बिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने का मतलब होगा कि उसे 28 देशों के संघ के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। इन दिशानिर्देशों में यूक्रेन-रूस आक्रमण, संगठित अपराध और भ्रष्टाचार से निपटना और कानून के शासन और मानवाधिकारों को मजबूत करना शामिल है। सर्बिया और कोसोवो के बीच तनाव के कारण यूरोपीय संघ में शामिल होने की उसकी कोशिशों में भी रुकावट आ रही है। दरअसल, कोसोवो को 100 से अधिक देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है बावजूद इसके सर्बिया अभी भी कोसोवो को एक दक्षिणी प्रांत मानता है।