पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और सबसे बड़े बेटे तारिक रहमान ने सोमवार को एलान किया कि वह फरवरी में होने वाले आम चुनाव में भाग लेने के लिए बांग्लादेश लौटेंगे। उन्होंने कहा वे लंदन में 26 साल के अपने स्व-निर्वासन को समाप्त कर जल्द वापसी करेंगे। तारिक रहमान ने बीबीसी बांग्ला को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "कुछ उचित कारणों से मेरी वापसी नहीं हो पाई है... लेकिन समय आ गया है, और मैं जल्द ही वापस आऊंगा।" बीएनपी के 58 वर्षीय प्रमुख ने कहा, "मैं भी चुनाव लड़ रहा हूं।"
बीएनपी की सरकार बनने पर प्रधानमंत्री पद संभालने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जनता फैसला करेगी।" तत्कालीन सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार ने 2008 में उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए लंदन भेज दिया था। उस दौरान उनके खिलाफ कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामलों में कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं। इसके बाद अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के दौरान वे ब्रिटेन में ही रहे ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचे रह सकें। एक मामले में उन पर 2004 में तत्कालीन विपक्षी नेता हसीना और उनकी पार्टी के नेताओं पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।
तारिक की मां 80 वर्षीय जिया विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं और यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह फिर से चुनाव लड़ेंगी या अपने बेटे और पार्टी के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगी। रहमान की यह टिप्पणी उन अटकलों के बीच आई है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी ने रातोंरात अपने पहले के रुख से हटते हुए अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस द्वारा संविधान का हिस्सा बनाने के लिए की गई पहल पर जनता की राय जानने के लिए जनमत संग्रह को स्वीकार कर लिया है।
यूनुस ने इस वर्ष 5 अगस्त को यह घोषणा की थी। यह घोषणा हसीना की अवामी लीग सरकार के निष्कासन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर हुई थी। यह घटना जुलाई माह में हुए हिंसक सड़क अभियान के बाद हुई थी, जिसका नेतृत्व स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) ने किया था। अंतरिम सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों पर तब तक प्रतिबंध लगा दिया जब तक कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे पूराे नहीं हो जाते। इस बीच, चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण निलंबित कर पार्टी को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है।