बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने आगामी 30 दिसंबर को होने वाले आम चुनावों में भाग लेने के लिए कट्टरपंथी इस्लामी दल जमात-ए-इस्लामी को इजाजत दे दी है। यह दल सजायाफ्ता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया एवं विपक्षी दल बीएनपी का महत्वपूर्ण साझीदार है। निर्वाचन आयोग ने दो महीने पहले जमात-ए-इस्लामी का पंजीकरण रद्द कर दिया था। जमात संसदीय चुनावों में 25 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और उसके उम्मीदवार बीएनपी के चुनाव चिन्ह का ही इस्तेमाल करेंगे। चुनाव आयोग ने यह फैसला उच्च न्यायालय के इस सप्ताह आए एक निर्णय के बाद लिया।
यूएन ने हिंसा पर जताई चिंता
बांग्लादेश में अगले हफ्ते होने वाले आम चुनाव से पहले, संयुक्त राष्ट्र ने चुनावी हिंसा और विपक्षी पार्टियों के सदस्यों की गिरफ्तारी पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से समावेशी और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा बलों से भी आग्रह किया कि वे सभी प्रत्याशियों द्वारा प्रचार के लिए स्वतंत्र और निर्बाध वातावरण सुनिश्चित करें।