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Hormuz Transit Fee: होर्मुज पर जहाजों से शुल्क वसूल रहा है ईरान, खाड़ी अरब गुट के महासचिव ने लगाए बड़े आरोप

Thu, 26 Mar 2026 04:21 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से ईरान द्वारा शुल्क वसूलने के आरोप सामने आए हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और व्यापार पर असर पड़ सकता है। सऊदी और यूएई ने भी चिंता जताई है। इस कदम से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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होर्मुज का रास्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि ईरान अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल रहा है। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है। इस कदम से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ जहाजों से प्रति यात्रा करीब 20 लाख डॉलर तक का शुल्क मांगा जा रहा है। यह वसूली किसी तय नियम के तहत नहीं, बल्कि अलग-अलग मामलों में की जा रही है। कुछ जहाजों ने यह भुगतान भी किया है, हालांकि भुगतान की प्रक्रिया और मुद्रा को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस वजह से शिपिंग कंपनियों में असमंजस और चिंता बढ़ गई है।

क्या सच में ईरान वसूली कर रहा है?
सूत्रों के अनुसार यह वसूली ईरान के प्रभाव को दिखाती है, क्योंकि होर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है। युद्ध के चलते जहाजों की आवाजाही पहले ही कम हो गई है और अब शुल्क की मांग से स्थिति और जटिल हो गई है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है।
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ये भी पढ़ें- Iran War: होर्मुज पर ताला लगाने वाले ईरानी नौसेना प्रमुख की मौत, इस्राइल का बड़ा दावा; तेहरान से पुष्टि नहीं

क्या ईरान इसे औपचारिक रूप देना चाहता है?
सूत्रों का कहना है कि ईरान भविष्य में इस शुल्क को आधिकारिक रूप देने की योजना बना सकता है। हाल ही में वहां के एक सांसद ने प्रस्ताव दिया था कि जो देश इस मार्ग का इस्तेमाल करें, उनसे शुल्क लिया जाए। अगर ऐसा होता है तो यह वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने इस तरह की वसूली पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे उनके तेल निर्यात पर असर पड़ेगा। कुछ देश अब वैकल्पिक पाइपलाइन के जरिए तेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बनती जा रही है।

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