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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की जल्द चुनाव कराने की मांग एक बार फिर खारिज

Tue, 10 Sep 2019 11:01 AM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

  • बोरिस जॉन्सन की जल्द चुनाव कराने की दूसरी कोशिश भी असफल हो गई।
  • वह इसके लिए दो तिहाई मत हासिल नहीं कर पाए। 
  • जॉन्सन ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा है।
  • उन्होंने कहा कि विपक्ष फिर से ब्रेक्जिट में देरी करना चाहता है। 
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की देश में जल्द चुनाव कराने की दूसरी कोशिश भी असफल हो गई है। वह इसके लिए दो तिहाई मत हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स (ब्रिटेन की संसद) में एक नया प्रस्ताव रखा था। जिसके लिए 434 मतों की आवश्यकता थी लेकिन प्रस्ताव के लिए महज 293 सांसदों ने ही वोट दिया। वहीं 46 सांसदों ने इसका विरोध किया। वोटिंग के समय जॉन्सन ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और जोर देते हुए कहा कि वो फिर से ब्रेक्जिट में देरी करना चाहते हैं। 

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कंजरवेटिव पार्टी के नेता जॉन्सन ने कहा, "वह दोबारा ब्रेक्जिट में देरी करना चाहते हैं... ना केवल उन्होंने आगे का रास्ता चुनने से इनकार किया है बल्कि वो अब दो बार ब्रिटेन के लोगों से चुनावों के लिए इनकार कर चुके हैं।"  

अब ब्रिटेन की संसद को पांच हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है। सांसद 14 अक्तूबर तक अपने काम पर नहीं लौट सकते और जब तक वह काम पर लौटेंगे तब तक यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने में महज 12 दिन बचेंगे। 
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जॉन्सन का कहना है कि संसद अब अक्तूबर के मध्य तक निलंबित रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो समय बचा है सांसद उसका सदुपयोग करेंगे। जॉन्सन ने कहा कि उनकी सरकार अब ब्रेक्जिट में और देरी नहीं होने देगी और एक समझौते के लिए प्रयास करती रहेगी। ब्रिटेन की सरकार काफी समय से ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने के चलते परेशानी झेल रही है। 

इससे पहले बीते हफ्ते ब्रिटेन के सांसदों ने जॉन्सन द्वारा रखे गए उस प्रस्ताव को भी नामंजूर कर दिया था, जिसमें संसद को भंग करके 15 अक्तूबर को जल्द चुनाव कराने की मांग की गई थी। जॉन्सन ने ये प्रस्ताव तब रखा था जब विपक्ष ने नो ब्रक्जिट डील वाले बिल को समर्थन दिया था। जिससे सरकार की सिरदर्दी और अधिक बढ़ गई है, जो बिना बहुमत के काम कर रही है।

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