पुतिन एससीओ बैठक में हुए शामिल
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शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान, ईरान, रूस और मध्य एशियाई देशों के प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस बैठक में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आतंकवाद से एकजुट होकर लड़ने और अफगानिस्तान की मदद का मुद्दा उठाया। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत के रुख की तारीफ की और समर्थन की बात कही।
पुतिन ने किया समर्थन
एससीओ की बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह सम्मेलन के आयोजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हैं। रूस, नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रुख का समर्थन करता है क्योंकि यह समेकित दृष्टिकोण देता है। पुतिन ने कहा कि हम एससीओ के सदस्य देशों के साथ संबंध मजबूत बनाना जारी रखेंगे। पुतिन ने कहा कि एससीओ की बैठक का प्रमुख मुद्दा अफगानिस्तान के मौजूदा हालात भी हैं। अफगानिस्तान में हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। एससीओ देशों की प्राथमिकता आतंकवाद, कट्टरपंथ और ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई है।
पीएम मोदी ने संबोधन में कही ये बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ बैठक में दिए अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया विवादों, तनाव और कोरोना महामारी के प्रभाव से जूझ रही है। साथ ही खाद्य, ईंधन और फर्टिलाइजर की समस्या भी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमें एक समूह के तौर पर साथ मिलकर सोचने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए खतरा बन गया है और अब उसके खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ देशों की नीति में सीमापार आतंकवाद भी हिस्सा है। एससीओ देशों को ऐसे देशों की आलोचना करनी चाहिए। हमें आतंकवाद से लड़ने की जरूरत है, फिर चाहे वो किसी भी रूप में हो।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में आर्थिक सहयोग पर जोर दिया। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान को मानवीय मदद की अपील की। भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। सितंबर में नई दिल्ली में जी20 सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो सकते हैं।