-20 डिग्री के तापमान में भी रह सकते हैं जिंदा
इससे पहले रूसी वैज्ञानिकों को ऐसे रोटिफर्समिल चुके हैं, जो -20 डिग्री के तापमान में 10 साल तक रह सकते हैं। इस बार उनके हाथ एक ऐसा रोटिफर लगा है, जो साइबेरियन पर्माफ्रॉस्ट में दफन हुए थे और ये हजारों साल पहले के हैं। प्लेस्टोसीन एपो काल के इन जीवों को 12 हजार से लेकर 26 लाख साल पहले देखा गया होगा। लेकिन स्वयं की जान को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ में जमा लिया।
जिंदा होते ही बनाने लगे क्लोन
वैज्ञानिकों के मुताबिक, डेलॉयड रोटिफर्स को जन्म देने के लिए किसी की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये अलैंगिक होते हैं। ऐसे में इसे वैज्ञानिकों ने जैसे ही जिंदा किया तो, वो अपने क्लोन बनाने लगा। जहां से इन्हें पाया गया है, वहां जमीन जमकर सख्त हो चुकी थी। ऐसे में इसके अंदर रहने वाला कोई भी जिंदा या मरा हुआ जीव सालों तक सुरक्षित रह सकता है।
ऐसा होता है आकार
रोटिफेरा अत्यधिक छोटे जंतुओं की श्रेणी में आते हैं। शरीर लंबाकार होता है। इनकी लंबाई 0.04 से 2 मिलीमीटर तक होती है। लेकिन अधिकतर 0.5 मिलीमीटर से लंबे नहीं होते। आकार में छोटे होने के बावजूद भी इनके शरीर के भीतर अनेक जटिल इंद्रियतंत्र होते हैं, जिन्हें बिना सूक्ष्मदर्शी यंत्र से नहीं देखा जा सकता। इनके सिर (पहला भाग) के बाद का लंबा भाग धड़ कहलाता है और तीसरे भाग को दुम (या फीट भी) कहते हैं।