शीर्ष वैज्ञानिक परवेज हुदभॉय ने पाकिस्तान की लगाम सेना के हाथ में होने पर सवाल उठाते हुए कहा, देश की आवश्यकताएं लोगों के हितों पर आधारित होनी चाहिए, न कि किसी विचारधारा पर। हमें ऐसे मुल्क की जरूरत है, जिसमें बलोच, सिंधी, पठान और पंजाबी सभी के हितों का ध्यान रखा जाए। हमें ऐसा देश नहीं चाहिए जो सेना के लिए बनाया गया हो।
कराची में साहित्यिक कार्यक्रम ‘आदाब महोत्सव’ के दौरान हुदभॉय ने कहा, पाकिस्तान को उसके नागरिकों के लिए बनाया गया था। हमें पाक के लिए किसी विचारधारा की जरूरत नहीं है। विचारधारा के बिना भी देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा, जो 1971 से पहले पूर्वी पाकिस्तान के तौर पर जाना जाता था, उसकी अर्थव्यवस्था भी पाकिस्तान से कहीं बेहतर है।
क्योंकि बांग्लादेश किसी विचारधारा को नहीं मानता। न ही हॉलैंड और न ही जापान किसी विचारधारा पर चलता है। बांग्लादेश की फॉरेन एक्सचेंज हमसे चार गुना बेहतर है। उनका जीवन सूचकांक भी कहीं ज्यादा बेहतर है। पाकिस्तानी सरकार को लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए। इससे पहले, हुदभॉय ने 2017 में पाकिस्तान पर फासीवादी धार्मिक देश बनने का आरोप लगाया था।