अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महाभियोग के आरोपों से भले ही बरी हो गए हों लेकिन भविष्य में वह इससे बचने के उपाय खोजने में जुट गए हैं। दरअसल, ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह उस चलन पर रोक लगा सकते हैं जिसमें राष्ट्रपति की विदेशी नेताओं के साथ फोन पर होने वाली बातचीत प्रशासनिक अधिकारियों को सुनने की इजाजत होती है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस परंपरा को पूरी तरह से खत्म कर सकता हूं।’ यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ फोन पर बातचीत के बाद ही ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हुई थी।
वेस्ट विंग बेसमेंट में एक सुरक्षित तथा साउंडप्रूफ सिच्वेशन रूम में कर्मचारी राष्ट्रपति की बातचीत को लिपिबद्ध करते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारी कॉल संबंधी रिपोर्ट तैयार करते हैं और यह एक आधिकारिक रिकॉर्ड बन जाता है। ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने कहा है कि राष्ट्रपति चाहे तो ऐसा कर सकते हैं कि उनका फोन कॉल कोई अन्य न सुनें। यूक्रेन के राष्ट्रपति से हुई बातचीत विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और व्हाइट हाउस के अन्य कर्मचारियों ने सुनी थी।
ट्रंप के ट्वीट न्याय विभाग के काम में डाल रहे बाधा : अटॉर्नी जनरल
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल बिल बर्र ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर न्याय विभाग के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है। बर्र ने कहा कि राष्ट्रपति के ट्वीट मेरे काम में बाधा डालते हैं। एक इंटरव्यू में बर्र ने कहा, मुझे उनके कुछ ट्वीट से समस्या होती है। मैं अपने काम में किसी मामले की पृष्ठभूमि पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि उनके (ट्रंप) ट्वीट इसमें अड़चन पैदा करते हैं। मुझे लगता है कि न्याय विभाग के आपराधिक मामलों के बारे में ट्वीट करना बंद होना चाहिए। यह इसके लिए सही समय है।