श्रीलंका ने भारत समेत 48 अन्य देशों के नागरिकों के लिए आगमन पर वीजा की सुविधा 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। श्रीलंका के एक वरिष्ठ मंत्री ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल 21 अप्रैल को ईस्टर रविवार को देश में हुए हमले के बाद उसके पर्यटन उद्योग को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है।
ईस्टर पर हुए हमले के बाद पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंका ने भारत और चीन समेत 48 देशों के लिए एक अगस्त से आगमन पर वीजा सुविधा शुरू की थी। मंत्रिमंडल के प्रवक्ता रमेश पथिराणा ने कहा, ‘ईस्टर हमलों के बाद मुफ्त वीजा योजना (आगमन पर वीजा) ने पर्यटकों की संख्या में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी लेकिन कोरोना वायरस के प्रसार ने पर्यटन क्षेत्र को फिर प्रभावित किया है। इसलिए इस सुविधा को तीन माह के लिए और बढ़ा दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि आगमन पर वीजा की सुविधा अब 30 अप्रैल तक मान्य रहेगी। हालांकि श्रीलंका ने देश में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद जनवरी में चीन के लिए आगमन पर वीजा सुविधा को स्थगित कर दिया था। श्रीलंका में सबसे अधिक पर्यटक भारत से जाते हैं और इसके बाद चीन के लोगों का स्थान है।
श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर तीन चर्चों और चार होटलों सहित आठ स्थानों पर सिलसिलेवार सात धमाके हुए। इनमें 35 विदेशियों समेत 290 लोगों की मौत हो गई। 400 से ज्यादा जख्मी हुए। शुरुआती छह धमाके लगभग एक ही समय पर सुबह 8:45 बजे हुए।
वैश्विक आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी लेकिन सरकार ने स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को जिम्मेदार ठहराया था। आपातकाल के द्वारा ही सुरक्षाबलों को इस हमले के बाद संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का व्यापक अधिकार प्रदान किया।
एनटीजे से संबंध को लेकर 1000 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए थे। जिनमें पांच ऐसे लोग हैं जिन्हें सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किया गया था।