सऊदी अरब और कतर युद्धग्रस्त देश सीरिया का कर्ज चुकाएंगे। दोनों देश मिलकर विश्व बैंक को 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर देंगे। यह फैसला इस महीने वाशिंगटन में विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठकों के दौरान लिया गया। वहीं, कर्ज चुकाने के लिए सीरिया ने दोनों देशों को शुक्रिया कहा है।
सऊदी अरब और कतर कर्ज चुकान में सीरिया की मदद करेंगे। दोनों विश्व बैंक को सीरिया का बकाया कर्ज चुकाने के लिए आगे आए हैं। सऊदी-कतर के इस कदम से विश्व बैंक युद्धग्रस्त सीरिया को अपना समर्थन फिर से शुरू कर सकता है।
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सऊदी और कतर के वित्त मंत्रालयों द्वारा एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विश्व बैंक को सीरिया का लगभग 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर्ज चुकाने का फैसला किया है। बयान में बताया गया है कि यह फैसला इस महीने वाशिंगटन में विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठकों के दौरान लिया गया।
सीरिया ने दोनों देशों को कहा- शुक्रिया
सीरिया ने कर्ज चुकाने के लिए तेल और गैस समृद्ध दोनों देशों को शुक्रिया कहा। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि इससे 14 साल के लंबे युद्ध के बाद देश के दोबारा खड़े होने और नए सिरे से निर्माण के काम में तेजी आएगी। इस संघर्ष में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे और देश को भारी नुकसान हुआ था।
सीरिया के पुनर्निर्माण में खर्च होंगे 400 बिलियन डॉलर
बता दें कि इस्लामवादी हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व वाले विद्रोही समूहों ने दमिश्क में बशर असद की सत्ता पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद दिसंबर की शुरुआत में बशर सरकार का पतन हो गया। संयुक्त राष्ट्र ने 2017 में अनुमान लगाया था कि सीरिया के पुनर्निर्माण में कम से कम 250 बिलियन अमरीकी डॉलर खर्च होंगे। अब कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या कम से कम 400 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच सकती है।
ऋण भुगतान के बाद विश्व बैंक का समर्थन फिर से मिलने में मिलेगी मदद
सऊदी-कतर के संयुक्त बयान में कहा गया है कि सीरिया का कर्ज चुकता होने के बाद विश्व बैंक का समर्थन फिर से शुरू होने में मदद मिलेगी, जो 14 साल से ज्यादा समय से रुका हुआ है। बयान में कहा गया है कि कर्ज भुगतान से सीरिया को निकट भविष्य में 'महत्वपूर्ण क्षेत्रों' के लिए विश्व बैंक से आवंटन प्राप्त करने की अनुमति मिल जाएगी।