भारत ने पीओके में चुनाव को महज दिखावा करार देते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि यह पाकिस्तान की उसके अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश है। पीओके में चुनाव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि पाकिस्तान का इन भारतीय क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है और उसे उन सभी भारतीय क्षेत्रों को खाली करना चाहिए, जहां उसने अवैध कब्जा कर रखा है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार तनवीर इलियास को सोमवार को पीओके का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। विपक्ष ने इस चुनाव का बहिष्कार किया था। हालांकि, भारत ने पीओके में चुनाव को महज दिखावा करार देते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि यह पाकिस्तान की उसके अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश है।
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इससे पहले सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी के इस्तीफे के बाद खान ने इलियास को पार्टी उम्मीदवार बनाया था। नियाजी ने गुरुवार को सत्ताधारी पार्टी में अपने खिलाफ विद्रोह के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) ने चौधरी यासीन को इलियास के खिलाफ संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा था।
पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, संयुक्त विपक्ष ने प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए आयोजित सत्र का बहिष्कार किया, जिसके चलते इलियास के खिलाफ दौड़ में कोई उम्मीदवार नहीं बचा। पीटीआई नेता ने 33 वोट हासिल किए। नियाजी की पार्टी पीटीआई के 25 जनप्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उससे कुछ ही दिन पहले इमरान खान नेशनल असेम्बली में अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में हार गए थे।
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53 सदस्यीय सदन में पीटीआई द्वारा 32 सीटें हासिल करने के बाद पिछले साल नियाजी सत्ता में आए थे। भारत ने पीओके में चुनाव को महज दिखावा करार देते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि यह पाकिस्तान की उसके अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश है। पीओके में चुनाव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि पाकिस्तान का इन भारतीय क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है और उसे उन सभी भारतीय क्षेत्रों को खाली करना चाहिए, जहां उसने अवैध कब्जा कर रखा है।