फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीलंकाई नागरिक लिंचिंग: पाकिस्तानी अदालत ने 89 लोगों को ठहराया दोषी, छह को मौत की सजा, सात को उम्रकैद

Mon, 18 Apr 2022 09:47 PM IST
Amit Mandal एएनआई, इस्लामाबाद

सार

3 दिसंबर 2021 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई था। सियालकोट में कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा को पीट-पीट कर मौत के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन
श्रीलंकाई नागरिक की पाक में हत्या - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान की एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा के लिंचिंग मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने 89 लोगों को दोषी ठहराया है। इनमें से छह को मौत की सजा और सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान के समा टीवी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। कुमारा को ईशनिंदा के झूठे आरोप में फैक्टरी कर्मचारियों ने पीट-पीटकर मार डाला था। 

विज्ञापन


3 दिसंबर 2021 की घटना
3 दिसंबर 2021 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई था। सियालकोट में कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा को पीट-पीट कर मौत के हवाले कर दिया था। इसके बाद उनके शव को आग लगा दी गई थी। मामला ईशनिंदा के झूठे आरोपों का था। कुमारा सियालकोट जिले में एक कारखाने में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।

प्रियंता कुमारा (40) पर कट्टरपंथी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के एक पोस्टर को कथित तौर पर फाड़ने का आरोप लगाया गया था। आरोप लगाया गया कि जिस पोस्टर को फाड़ा गया, उसमें कुरान की आयतें लिखी थीं और कुमारा ने उसे कचरे के डिब्बे में फेंक दिया। इस्लामी पार्टी का पोस्टर कुमारा के कार्यालय के पास की दीवार पर चिपकाया गया था। फैक्टरी के कुछ कर्मियों ने उन्हें पोस्टर हटाते हुए देखा और फैक्टरी में यह बात बताई।
विज्ञापन


भीड़ ने श्रीलंकाई नागरिक को फैक्टरी से बाहर खींचा और उससे बुरी तरह मारपीट की। मारपीट के बाद जब उसकी मौत हो गई तो भीड़ ने पुलिस के पहुंचने से पहले उसके शव को जला दिया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी हुए, जिसमें दिख रहा है कि श्रीलंकाई नागरिक के शव को घेरे सैकड़ों लोग खड़े हैं। वे टीएलपी के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें