पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वीकार किया है कि उनके पास प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, शीर्ष सरकारी अधिकारियों और सेना प्रमुख के खिलाफ उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोपों का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये दावा किया।
राणा सनाउल्लाह ने की इमरान खान की आलोचना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सनाउल्लाह ने यह भी कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख ने बिना किसी कारण के प्रधानमंत्री शरीफ और पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए थ। राणा सनाउल्लाह ने ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए इमरान खान की आलोचना भी की।
आरोपों के संदर्भ में इमरान के पास कोई सबूत नहीं- सनाउल्लाह
प्रेस कांफ्रेंस में राणा सनाउल्लाह ने आगे खुलासा किया कि इमरान खान से उनके आरोपों को लेकर सबूत पेश करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनके पास कोई सबूत ही नहीं थे। बता दें कि सोमवार को इमरान खान शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ अपने आरोपों को लेकर संयुक्त जांच दल (JIT) के सामने पेश हुए थे। इस दौरान उन्हें वे सभी वीडियो दिखाए गए थे, जिनमें उन्होंने सरकार और सेना के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। इस दौरान इमरान खान ने स्वीकार किया कि वीडियो में वे ही बोल रहे हैं। इस दौरान पूर्व पीएम ने यह भी स्वीकार किया कि उनके सभी बयान निराधार थे।
गृहमंत्री सनाउल्लाह ने कहा कि जब पीटीआई प्रमुख को जेआईटी ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दिखाई, तो वह वीडियो क्लिप में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दे पाए।
इमरान खान ने लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि कई मामलों का सामना कर रहे इमरान खान ने हाल के महीनों में दावा किया है कि सत्ताधारी सरकार के कुछ सदस्यों ने उनकी हत्या की साजिश रच रहे है, वे किसी भी हाल में उनकी हत्या कराना चाहते हैं। अप्रैल माह में एक इंटरव्यू के दौरान इमरान खान ने साफ तौर पर कहा था कि अगर उन्हें कुछ होता है तो प्रधानमंत्री शरीफ, गृह मंत्री सनाउल्लाह और सरकार के दो सदस्य जिम्मेदार होंगे।
इतना ही नहीं, कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे इमरान खान ने इसी आधार पर अदालत में पेशी से भी छूट मांगी है। उन्होंने कहा था कि इस बात की संभावना है कि पेशी के लिए अदालत आने के दौरान उनकी हत्या की जा सकती है।
बीते साल हुआ था हमला
गौरतलब है कि इमरान खान पर बीते साल नवंबर में पार्टी के हकीकी आजादी मार्च के दौरान पंजाब प्रांत के वजीराबाद में उन पर हमला हुआ था। हमले में इमरान बाल-बाल बच गए थे। उनके पैर में कई गोलियां लगी थीं। बाद में इसके ऑपरेशन के कारण वे कई महीनों तक बिस्तर पर रहे थे।
इस बीच, पीटीआई ने इस्लामाबाद में 12 जून को जेआईटी की कार्यवाही में भाग लेने के बाद इसकी जानकारी लीक करने की निंदा की। पार्टी ने इमरान खान पर हमले में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें जिम्मेदार ठहराने के लिए जांच की मांग की।