भारतीय मूल के लेखक और बुकर पुरस्कार विजेता लेखक सलमान रुश्दी को ब्रिटेन के विंडसर कैसल में शाही सम्मान से नवाजा गया है। उन्होंने दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा पिछले साल जून में उन्हें सम्मानित किए जाने के लगभग एक साल बाद दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के विंडसर कैसल में एक अलंकरण समारोह में अपना शाही “कंपेनियन ऑफ ऑनर” पुरस्कार प्राप्त किया।
लेखक सलमान रुश्दी को महाराजा चार्ल्स तृतीय की बहन प्रिंसेस रॉयल ऐनी ने मंगलवार को सम्मानित किया। पिछले साल एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान न्यूयॉर्क में रुश्दी पर चाकू से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कुछ दिन पहले, रुश्दी बहुत दिनों बाद न्यूयॉर्क में सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे।
द कम्पेनियन ऑफ ऑनर एक विशेष पुरस्कार है जो उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने लंबे समय तक कला, विज्ञान, चिकित्सा या सरकार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बहुत कम लोग इस उच्च सम्मान को प्राप्त करते हैं, जो पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों सर विंस्टन चर्चिल और जॉन मेजर और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग को अतीत में प्रदान किया गया है।
इससे पहले मैनहट्टन में स्थित अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के 2023 लिटरेरी गाला में शामिल होकर 75 वर्षीय रुश्दी ने सबको चौंका दिया था। दरअसल, उनके कार्यक्रम में शामिल होने की किसी भी तरह की कोई घोषणा नहीं की गई थी। इस दौरान, पेन अमेरिका ने भारत में जन्मे लेखक को पेन सेंटेनरी करेज अवार्ड से सम्मानित किया।
अगली किताब के बारे में पूछे जाने पर, रुश्दी ने पुष्टि की कि उन्होंने फिर से लिखना शुरू कर दिया है और गंभीर स्थिति में अस्पताल में छह सप्ताह बिताए हैं। जब उनसे पूछा गया कि उनकी अगली किताब कब पूरी होने की उम्मीद है। सवाल का जवाब देते हुए रुश्दी ने कहा कि "ओह, मैं आपको बता दूंगा,"।
चाकू से किया गया था हमला
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी भाषा के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर हमला किया गया था। रुश्दी पर उस समय हमला किया गया था, जब वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण देने वाले थे। कार्यक्रम में उनका परिचय कराया जा रहा था कि तभी एक व्यक्ति मंच पर चढ़ा और रुश्दी को घूंसों से वार करने लगा। इसके बाद उसने चाकू से उन पर हमला कर दिया। रुश्दी की गर्दन पर चोट आई है। हमलावर की पहचान न्यू जर्सी निवासी 24 वर्षीय लेबनानी मूल के अमेरिकी नागरिक हादी मातर के रूप में हुई थी।