प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन (फाइल फोटो)
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ब्रिटिश राजशाही परिवार में वरिष्ठ पद का दर्जा छोड़ने का निर्णय लेने के बाद प्रिंस हैरी ने पहली बार कहा है कि उन्हें शाही उपाधियां छोड़ने का गहरा दुख है। उन्होंने यह भी कहा कि एक शांतिपूर्ण जिंदगी के लिए इसके अलावा कोई अन्य विकल्प भी नहीं था। प्रिंस हैरी ने महारानी एलिजाबेथ और वरिष्ठ विंडसर के साथ एक समझौते में यह फैसला लिया।
राजकुमार हैरी ने माना कि वे हमेशा से जनता द्वारा मिलने वाली फंडिंग और आलीशान लाइफस्टाइल छोड़ना चाहते थे। लेकिन शाही परिवार की जिम्मेदारियां छोड़कर दूसरे देश में नई जिंदगी शुरू करने पर उन्हें काफी संकोच हुआ। महारानी ने दो दिन पहले ही एलान किया गया था कि प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन ने शाही उपाधि ‘हिज/हर रॉयल हाइनेस’ का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
इसके अलावा उन्हें सार्वजनिक संपत्ति में भी हिस्सा नहीं मिलेगा। वे किसी भी देश में महारानी एलिजाबेथ के प्रतिनिधि नहीं होंगे। हैरी ने कहा कि कि वे हमेशा से सार्वजनिक फंडिंग पर चलने वाली आलीशान जिंदगी छोड़ना चाहते थे, लेकिन खुद को मिली सैन्य उपाधियां और अफगानिस्तान में ब्रिटिश सैनिकों के साथ काम करने के बाद मिले समर्थन को गंवाकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
विश्वास की बड़ी छलांग लगा रहे हैं
प्रिंस हैरी ने कहा कि हम विश्वास की बड़ी छलांग लगा रहे हैं। उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें इस फैसले की हिम्मत दी। हाल ही में प्रिंस और मेगन ने विंडसर पैलेस स्थित अपने घर के रिनोवेशन में ही 24 लाख पाउंड (करीब 22 करोड़ रु.) लगा दिए थे। इस खर्च के पैसे भी वे लौटाएंगे।
सेहत से जुड़े उत्पाद बाजार में लाएंगी मेघन
प्रिंस हैरी की पत्नी मेगन मर्केल के पास भी हॉलीवुड में अभिनय से कमाई हुई काफी दौलत है। माना जा रहा है कि वह सेहत से जुड़े अपने उत्पादों को बाजार में उतार सकती हैं। जबकि राजकुमार पहले ही करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। हालांकि प्रिंस चार्ल्स अपनी निजी आय से प्रिंस हैरी को आर्थिक मदद देना जारी रखेंगे।