भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में बुधवार को कहा कि पड़ोसी के तौर पर पाकिस्तान हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा कोई देश नहीं है जो आतंकवाद को भारत के खिलाफ भड़का रहा हो। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि कश्मीर में अब हालात सामान्य हैं। वहां जो भी समस्याएं थीं, वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले थीं।
जयशंकर ने भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत फ्रेंक जी विसनर के साथ बातचीत के दौरान ये बातें कही। उन्होंने कहा कि आपके पास एक ऐसा पड़ोसी है, जिसके साथ आपके व्यापारिक संबंध नहीं है। वह देश (पाकिस्तान) किसी भी तरह की कनेक्टिविटी की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास की गति को धीमा करता है। वह लोगों के बीच आपसी संवाद पर भी प्रतिबंध लगाता है। दुनिया के कई हिस्सों में आतंकवाद है, लेकिन कोई ऐसा देश नहीं है जो अपने पड़ोसी के खिलाफ सोच-समझकर आतंकवाद को भड़काता है।
'कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से पहले अव्यवस्था थी'
विदेश मंत्री ने कहा कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया। इससे पहले वहां बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा था। लोगों की जिंदगियां बचाने के लिए वहां प्रतिबंध लगाए गए।
उन्होंने कहा कि साल 2016 में एक आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद काफी हिंसा भड़की थी। लोग उसे हीरो मानते थे।
उन्होंने कहा कि 30 साल में कश्मीर में 42 हजार लोग मारे गए। हद तो यह रही कि श्रीनगर की सड़कों पर पुलिस अफसरों को पीट-पीटकर मार दिया गया। जवानों की हत्या कर दी गई। उन्होंने दोहराया कि कश्मीर में दिक्कतें अनुच्छेद 370 हटाने के बाद शुरू नहीं हुईं बल्कि इसके बाद तो हमने समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला।
'भारत पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुख्य मुद्दा नहीं'
एस जयशंकर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुख्य मुद्दा है। मुद्दा यह भी नहीं है कि पाकिस्तान से बात करें या नहीं। कौन अपने पड़ोसी से बात नहीं करना चाहता? लेकिन मुद्दा यह है कि हम उस देश से बात कैसे करें जो आतंक ओर आतंकवादियों का पनाहगार हो।
इससे पहले मंगलवार को भी उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान नहीं, बल्कि आतंकिस्तान (टेररिस्तान) से बात करने में दिक्कत है।