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India Russia Ties: विदेश मंत्री जयशंकर ने रूसी उप प्रधानमंत्री से की मुलाकात, व्यापार असंतुलन का मुद्दा उठाया

Wed, 20 Aug 2025 10:47 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।

सार

India Russia Ties: भारत और रूस के बीच 26वीं अंतर-सरकारी बैठक में व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जटिल वैश्विक हालात में दोनों देशों को मिलकर आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना होगा। उन्होंने सहयोग बढ़ाने के लिए रचनात्मक विचार, ठोस लक्ष्य, समयसीमा और बेहतर संवाद की जरूरत बताई।
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एस जयशंकर, डेनिन मांतुरोव - फोटो : एक्स/डॉ. एस. जयशंकर
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव की अध्यक्षता में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 26वीं बैठक (आईआरआईजीसी-टीईसी) बुधवार को शुरू हुई। इस बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
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जयशंकर ने बताया कि यह बैठक बेहद सफल और उपयोगी रही। इसमें दोनों देशों के बीच कृषि, ऊर्जा, उद्योग, कौशल विकास, शिक्षा, संस्कृति और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर विस्तार से बातचीत हुई।

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विदेश मंत्री ने कहा, हम इस बैठक को ऐसे समय कर रहे हैं, जब दुनिया में भू-राजनीतिक हालात काफी जटिल हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत और रूस मिलकर अपने आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाएं। इसके लिए उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए।
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उन्होंने कहा कि अब हमें सहयोग के लिए रचनात्मक और नए तरीकों की जरूरत है। हमें मिलकर अपने एजेंडे को लगातार विस्तारित और विविध बनाना होगा। इसके लिए परस्पर विचार-विमर्श की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमें तय लक्ष्य और समयसीमा बनानी चाहिए ताकि हम खुद को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित कर सकें।

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जयशंकर ने सुझाव दिया कि दो सत्रों के बीच कम से कम दो और अंतरिम बैठकें होनी चाहिए। इसके अलावा, सभी सह-अध्यक्षों के साथ एक मध्य समीक्षा बैठक भी की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार मंच  और आयोग के विभिन्न कार्य समूहों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, जिससे दोनों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि जब भारत और रूस के नेता वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मिलेंगे, तब इस बैठक में हुई बातचीत और फैसले हमारे आपसी भरोसे और मजबूत संबंधों को और आगे ले जाएंगे। विदेश मंत्री व्यापार असंतुलन का मुद्दा भी उठाया।

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