गोर्बाचेव को जहां दुनियाभर में लोगों ने सम्मान दिया वहीं रूस उन्हें राजकीय सम्मान नहीं दे सका। क्रेमलिन ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते गोर्बाचेव के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।
पूर्व सोवियत संघ राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के अंतिम संस्कार पर शनिवार को सैकड़ों लोगों ने कतार में खड़े होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। गोर्बाचेव ने न सिर्फ शीतयुद्ध खत्म किया बल्कि कठोर सुधारों से सोवियत संघ को नई दिशा दी। उनके विदाई समारोह में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नहीं पहुंचे। रूसी संसद के मुख्यालय ‘क्रेमलिन’ का गोर्बाचेव के राजकीय अंतिम संस्कार की घोषणा से इनकार उनकी बेचैनी दर्शाता है।
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गोर्बाचेव को जहां दुनियाभर में लोगों ने सम्मान दिया वहीं रूस उन्हें राजकीय सम्मान नहीं दे सका। क्रेमलिन ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते गोर्बाचेव के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। यह पूछे जाने पर कि शनिवार को पुतिन किस खास कार्यक्रम में व्यस्थ रहेंगे, तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति के पास कामकाजी बैठकों की एक बड़ी शृंखला है।
गोर्बाचेव को मॉस्को के नोवोदेविच कब्रिस्तान में उनकी पत्नी रायसा के बगल में दफनाया गया। शनिवार को शोक मनाने वाले लोग गोर्बाचेव के खुले ताबूत के पास से गुजरे और फूल बिखेरते हुए संगीत भी बजाया गया। गोर्बाचेव की बेटी इरीना और उनकी दो पोतियां ताबूत के पास बैठी थीं।
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राजकीय ढंग से नहीं किया अंतिम संस्कार
सोवियत काल में जिस शख्स ने देश के साथ साथ दुनिया भर के लिए मजबूत कार्य किए लेकिन उनके अंतिम संस्कार के लिए क्रेमलिन ने राजकीय ढंग से अंत्येष्टि तक नहीं की। क्रेमलिन के प्रवक्ता पेसकोव ने कहा, समारोह में सरकार की तरफ से सहायता के लिए मानद गार्ड होंगे। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह एक पूर्ण राजकीय अंतिम संस्कार से किस तरह भिन्न होगा।
इसलिए नहीं की राजकीय तरीके से अंत्येष्टि
यदि गोर्बाचेव की अंत्येष्टि के लिए राजकीय ढंग से अंतिम संस्कार की घोषणा की जाती तो पुतिन को इसमें शामिल होने के लिए बाध्य होना पड़ता। साथ ही मॉस्को को विदेशी नेताओं को आमंत्रित करना पड़ता। लेकिन यूक्रेन में सैनिकों को भेजने के बाद पश्चिम से बढ़ते तनाव के बीच रूस ऐसा नहीं करना चाहता था। हालांकि 2008-12 में रूसी राष्ट्रपति की अध्यक्षता में देश की सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव इस समारोह में दिखाई दिए।