सार
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति ने देश की सेना को बढ़ाने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने सैनिकों की अधिकतम संख्या को अधिकतम 1,70,000 करने के आदेश दिए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति ने देश की सेना को बढ़ाने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने अधिकतम 1,70,000 लोगों को भर्ती करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों की मानें तो नाटो का विस्तार रूस के लिए खतरा है।
नाटो विस्तार से देश को खतरा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन का आदेश जारी किया, जिसे लागू भी कर दिया गया। फैसला लागू होने के बाद रूसी सैनिकों की कुल संख्या 2.2 मिलियन तक बढ़ जाएगी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि फैसले से सशस्त्र बलों में वृद्धि होगी। विशेष सैन्य अभियान और नाटो विस्तार से देश को खतरा है। इसके लिए समय रहते तैयारी की जा रही है। रूस की सुरक्षा परिषद के वर्तमान उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने बताया कि एक जनवरी से एक दिसंबर 2023 तक 452000 से अधिक लोगों को सेना में भर्ती किया गया था। क्रेमलिन द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि रूस की सीमाओं के पास नाटो संयुक्त सशस्त्र बल बना रहा है। अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली और हमलावर हथियार तैनात किए जा रहे हैं। नाटो के सामरिक परमाणु बलों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। नाटो की आक्रमक गतिविधियों के कारण रूसी सैनिकों को बढ़ावा देना उचित प्रतिक्रिया है।
पहले सेना को पर्याप्त बताया, बाद में बताई जरूरत
बता दें, 2018 के बाद यह दूसरी बार है, जब रूस अपनी सेना का विस्तार करेगा। रूस ने इससे पहले 2022 में 137000 सैनिकों को बढ़ाने का आदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन पहले अपनी सेना को पर्याप्त मानता था हालांकि, युद्ध शुरू होते ही उन्हें अपना विस्तार आवश्यक लगने लग गया। रूस ने कई बार अपनी सेना को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए। इसमें सिपाहियों का मसौदा तैयार करना, स्वयंसेवी बटालियन बनाना सहित अन्य आकर्षित अभियान शामिल है।