रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि लगभग 30 देश ब्रिक्स के साथ साझेदारी करने के इच्छुक हैं। हमारा फोकस इस समूह को सशक्त करना है, जिसका लाभ दुनिया को दिया जा सकें।
संयुक्त रूस आयोग के एक सत्र को संबोधित करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि दुनिया के 30 देश ब्रिक्स के साथ साझेदारी के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष अक्तूबर में रूस में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में समाधानों पर चर्चा की जाएगी।
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कई देश ब्रिक्स के साथ जुड़ना चाहते हैं- रूस
अपने संबोधन में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका वाले पांच देशों के समूह से कई देशों ने जुड़ने की इच्छा जताई है। इसका कारण यह है कि ब्रिक्स वास्तव में लोकतांत्रिक और पारस्परिक रूप से काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो देश पहले ही हमारे समूह से शामिल हो चुके हैं, उनके अलावा देश देशों ने ब्रिक्स से जुड़ने की इच्छा जाहिर की है।
दक्षिण अफ्रीका में हुए आयोजन में किए गए थे कई देश शामिल
बता दें जून माह में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स नेताओं ने एक जनवरी, 2024 से अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के रूप में स्वीकार करने पर सहमति व्यक्त की। वहीं शीर्ष रूसी राजनयिक ने कहा कि हम बहुध्रुवीय दुनिया के स्तंभों में से एक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स पर काम करना जारी रखेंगे।
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ब्रिक्स को मजबूत करने पर हमारा ध्यान- रूस
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के जरिए वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना होगा। रूस आर्थिक, राजनीतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। लावरोव ने कहा कि अपने साझेदारों के साथ मिलकर हम शीर्ष-स्तरीय आयोजन के लिए समाधानों की एक विस्तृत श्रृंखला विकसित करने की उम्मीद करते हैं, जो सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित होंगे। वहीं रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि कई विकासशील देशों के प्रमुख इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे।