रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने एक बयान में पुष्टि की कि तीनों अंतयात्रियों ने प्रयोगशाला में आधे साल के मिशन की शुरुआत करते हुए सफलतापूर्वक कक्षा में प्रवेश किया। वहीं पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के यूक्रेन में युद्ध छेड़ने के बाद मॉस्को के एयरोस्पेस उद्योग को लक्षित करने वाले प्रतिबंधों की घोषणा की थी। ऐसे में रूस के इस मिशन को खास नजर से देखा जा रहा है।
रोस्कोस्मोस के प्रमुख रोगोजिन ने ट्विटर पर सूचना देते हुए लिखा कि कई वर्षों में पहली बार एक पूरी तरह से रूसी चालक दल अंतरिक्ष पहुंचा। बता दें इस काम में अमेरिकी मदद की जरूरत होती थी जबकि रूस की तरफ से आईएसएस में प्रोपल्शन और एटीट्यूड को नियंत्रित किया जाता रहा है। 1990 के दशक में इसे बनाने के बाद से दोनों एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं। स्पेस स्टेशन के ऑर्बिट में बने रहने में रूसी मदद जरूरी है।
पीले व नीले रंग के स्पेस सूट से हैरानी
रूस के तीन अंतरिक्ष यात्री आलेग अर्तेम्येव, डेनिस मैतवेयेव और सर्गेई कोरसाकोव जब आईएसएस पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद अमेरिकी, रूसी और जर्मन अंतरिक्ष यात्री उन्हें देखकर दंग रह गए। दरअसल, रूस के तीनों अंतरिक्ष यात्री पीले और नीले रंग के स्पेस सूट में थे। यह रंग यूक्रेन के राष्ट्रीय झंडे का है। यूक्रेन युद्ध के दौरान आईएसएस पहुंचे इन अंतरिक्ष यात्रियों देख वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। रूसी अंतरिक्षयात्रियों का कैप्सूल आराम से तीन घंटे की यात्रा करके स्पेस स्टेशन से डॉक कर गया। पहले से मौजूद दो रूसी, चार अमेरिकी और एक जर्मन एस्ट्रोनॉट ने दिल खोलकर तीनों का स्वागत किया।
हमें रंग चुनने की आजादी थी इसलिए चुना
अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि आखिर रूस की सरकार और स्पेस एजेंसी ने पीले-नीले रंग के स्पेस सूट में अंतरिक्ष यात्रियों को क्यों भेजा। जब अंतरिक्ष यात्रियों से उनके स्पेस यूनिफॉर्म के बारे में पूछा गया तो सभी ने कहा कि उन्होंने अपनी पसंद से यह रंग चुना है। हमें स्पेस सूट का रंग चुनने की आजादी थी, तो हमने चुन लिया। हमारे पास कई पीले रंग की वस्तुएं थीं, इसलिए उनका उपयोग होना भी जरूरी था।