रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को 15 महीने से ज्यादा समय हो चुका है। रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा कर लिया तो वहीं यूक्रेन सेना ने भी कड़ा पलटवार किया है। इस बीच रूसी सेना ने शनिवार को पूर्वी यूक्रेनी शहर बखमुत पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया। हालांकि रूसी सेना के इस दावे को यूक्रेन ने खारिज कर दिया और कहा कि लड़ाई अभी जारी है हमारे सैनिक लड़ रहे हैं।
रूस की निजी सेना ‘वैगनर’ के प्रमुख ने शनिवार को दावा किया कि उसने रूस-यूक्रेन युद्ध की सबसे लंबी और सबसे कठिन लड़ाई के बाद बखमुत शहर पर नियंत्रण कर लिया है, लेकिन यूक्रेनी रक्षा अधिकारियों ने इससे इनकार किया। बखमुत में सालभर से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। माना जाता है कि मास्को और कीव दोनों को भारी नुकसान हुआ है।
इन दिनों राष्ट्रपति वलोडिमिर जेंलेंस्की जापान में जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, इस बीच वैगनर ने बखमुत पर कब्जे की घोषणा की है। एक वीडियो में, वैगनर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने कहा कि शहर शनिवार को लगभग दोपहर में पूरी तरह से रूसी नियंत्रण में आ गया। आगे कहा कि लड़ाकों ने बखमुत की भूमि पर रूसी झंडे फहराए हैं।
प्रिगोझिन ने वीडियो में कहा कि आज 20 मई को, दोपहर के आसपास, बखमुत को पूरी तरह से कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा कि वैगनर लड़ाके आधिकारिक रूसी सेना को सौंपने से पहले कब्जे वाले शहर को देखेंगे। 25 मई तक हम पूरी तरह से बखमुत की जांच करेंगे और रक्षा सुनिश्चित करने के बाद शहर को रूसी सेना को सौंप देंगे। साथ ही प्रिगोझिन ने कहा कि हम खुद फील्ड कैंप में जाएंगे।
रूस के दावे के बाद यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हन्ना मलियार ने कहा कि लड़ाई जारी है। उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर है, अभी तक की स्थिति के अनुसार इस क्षेत्र में कुछ औद्योगिक और बुनियादी सुविधाओं पर हमारे सुरक्षा बलों का नियंत्रण है। यूक्रेन के पूर्वी कमान के प्रवक्ता सेर्ही चेरेवत्यी ने बताया कि प्रिगोझिन का दावा सच नहीं है। बखमुत में हमारे सैनिक लड़ रहे हैं।
पुतिन ने दी बधाई
पूर्वी यूक्रेन में कब्जे के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर निजी सेना और रूसी सैनिकों की टीमों को बधाई दी। क्रेमलिन के प्रेस कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि व्लादिमीर पुतिन वैगनर हमले टीमों के साथ-साथ सभी रूसी सैनिकों को बधाई देते हैं, जिन्होंने आवश्यक सहायता प्रदान की। बयान में कहा गया है कि हर कोई, जिसने लड़ाई में खुद को प्रतिष्ठित किया है, उसको सम्मानित करने के लिए सिफारिश की जाएगी।