Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। पहली ये कि यूक्रेन ने उत्तरपूर्व के प्रमुख रेलवे शहर कुपियांस्क पर कब्जा कर लिया है। दूसरी सूचना रूसी रक्षा मंत्रालय ने दी है। उसने कहा है कि खारकीव क्षेत्र से रूसी सेना को अस्थायी तौर पर वापस लौटने के लिए कहा गया है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पीछे हटने के रूसी सेना के फैसले का स्वागत करते हुए इस 'एक अच्छा निर्णय' बताया है। यूक्रेन की फौजें रूस के मजबूत सैन्य कब्जे वाले इजियम में दाखिल हो गई हैं।
यूक्रेन ने रूसी सेना को इजियम से पीछे धकेला
यूक्रेन की फौजें रूस के मजबूत सैन्य कब्जे वाले इजियम में दाखिल हो गई हैं। छह महीने पुराने युद्ध में यूक्रेन की तेजी को देखते हुए रूस ने कदम पीछे खींचने शुरू कर दिए हैं। इजियम के मेयर वालेरी मार्केन्को ने कहा, वह स्थानीय पुलिस और आपात सेवाओं के संपर्क में हैं।
यूक्रेन ने प्रमुख रेलवे जंक्शन कुपियांस्क पर भी कब्जा कर लिया था। इससे रूस के लिए दोनबास में रसद का रास्ता बंद हो गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी इजियम से सेनाएं हटाने की पुष्टि की है। इजियम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रसद मार्ग है। रूसी फौजों ने एक सप्ताह तक भीषण जंग के बाद इस पर कब्जा किया था। यह जीत युद्ध का रुख पलट सकती है।
वापस छीने 30 से ज्यादा मोर्चे : जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रात में दिए संबोधन में कहा, हमारी सेना ने खारकीव में 30 से ज्यादा मोर्चों को फिर से कब्जे में ले लिया है। अब आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक द इस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वार के अध्ययन के मुताबिक, इस हफ्ते शुरू हुए अभियान के तहत अब तक रूस को 2500 वर्ग किलोमीटर इलाके से खदेड़ा जा चुका है।
फोटो जारी किए...
यूक्रेनी अधिकारियों ने शनिवार को कुपियांस्क में राष्ट्रीय ध्वज उठाए यूक्रेनी फौजियों के फोटो जारी किए। रूस के कब्जे से छुड़ाए गए काफी बड़े इलाके में यूक्रेनी पुलिस गश्त करती दिखी। मोर्चों से रूसी सैनिकों के भागने के बाद बारूद के ढेर लगे हैं। कुपियांस्क से रूस का सीधा रेल संपर्क है।
इससे मास्को का मुख्य प्रवेश द्वार बंद हो गया है और हजारों रूसी फौजियों के इलाके में फंसने की आशंका है। खारकीव क्षेत्रीय परिषद की अध्यक्ष नतालिया पोपोवा के फेसबुक पर पोस्ट फोटो में कुपियांस्क सिटी हॉल पर यूक्रेनी ध्वज फहराता दिखा रूसी ध्वज यहां यूक्रेनी सैनिकों के पैरों के नीचे था। हराकोव में रूसी वाहन जलते दिखे।
कुपियांस्क से दोनबास मोर्चे पर तैनात रूसी सेना को जाती थी रसद
उत्तरपूर्वी यूक्रेन के प्रमुख रेलवे शहर कुपियांस्क से दोनबास मोर्चे पर लड़ रहे रूसी फौजों को रसद पहुंचाई जा रही थी। लेकिन अब इस पर यूक्रेनी सेना ने कब्जा कर लिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने शनिवार को इस शहर में राष्ट्रीय ध्वज उठाए यूक्रेनी फौजियों के फोटो जारी किए। इस शहर के कब्जे से निकलने के बाद रूस के सामने शर्मनाक पराजय का खतरा उत्पन्न हो गया है। इधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन के आक्रामक जवाबी हमलों से बचने के लिए भाग खड़े होना, रूसी सेना का 'एक अच्छा फैसला' है।
हाल में रूस के कब्जे से छुड़ाए गए काफी बड़े इलाके में यूक्रेनी पुलिस पेट्रोलिंग करती दिखी। मोर्चों से रूसी सैनिकों के भागने के बाद बारूद के ढेर लगे हैं। कुपियांस्क से रूस का सीधा रेल संपर्क है। इससे मास्को का मुख्य प्रवेश द्वार बंद हो गया है और हजारों रूसी फौजियों के इलाके में फंसने की आशंका है।
खारकीव क्षेत्रीय परिषद की अध्यक्ष नतालिया पोपोवा के फेसबुक पर पोस्ट फोटो में कुपियांस्क के सिटी हॉल पर यूक्रेनी ध्वज फहराता दिखा, जबकि रूसी ध्वज यहां यूक्रेनी सैनिकों के पैरों के नीचे था। नतालिया ने लिखा, ‘कुपियांस्क यूक्रेन है। यूक्रेनी सशस्त्र सेनाओं की शानदार विजय।’ यूक्रेनी सुरक्षा सेवा ने भी इसकी पुष्टि की है।
हराकोव में दोबारा कब्जे में लिए गए दर्जनों गांवों में रूसी आक्रमण के प्रतीक ‘जेड’ निशान वाले वाहन सड़कों पर जलते दिखे। रूस के जल्दबाजी में छोड़े गए मोर्चों में कचरे और बारूद के ढेर लगे दिखे। एक दीवार पर लिखा, हेलो, हम रूस से हैं। वहीं एक सफेद बैग में तीन शव पड़े थे। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि यूक्रेन की पुलिस एक दिन पहले ही यहां पहुंची है। उसने रूसी कब्जे के बाद यहां रह रहे सभी लोगों के पहचान पत्र जांचे।
खारकीव क्षेत्र से फिलहाल के लिए सेना वापस बुलाई : रूसी रक्षा मंत्रालय
वहीं इसके साथ ही रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से शनिवार को कहा गया है कि रूसी सेना को फिलहाल खारकीव क्षेत्र से अस्थायी तौर पर छोड़ने को कहा गया है। यहां बीते कुछ हफ्तों में यूक्रेनी सेना ने काफी आक्रामक ढंग से हमले किए हैं, जिनकी वजह से रूसी सेना को पीछे हटने का फैसला करना पड़ा है।
सीएनएन ने भी यहां के रूस समर्थक एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रूसी सेना फिलहाल अस्थायी तौर पर इस क्षेत्र को छोड़ रही है। दरअसल वोवचांस्क जिला वह है जहां से रूसी सेना के लिए रसद ले जाई जाती है। यहां के सैन्य-नागरिक प्रशासन की ओर से अपनी टेलीग्राम पर की गई एक पोस्ट में कहा गया है रूसी सेना अस्थायी रूप से वोवचांस्क छोड़ रही है!! शहर से लोगों का पलायन जारी है।
प्रशासन ने रूसी संसद के एक सदस्य एवगेनी इवतुशेंको के हवाले से कहा कि स्थानीय मुख्यालय को सीमा पार रूसी शहर बेलगोरोड में ले जाया जाएगा। आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए रूसी सेना ने शहर को छोड़ने का फैसला किया है।