तीन दशक पहले तक संघीय निवेश ने चिप निर्माण की लागत घटाने समेत बाजार व इसे एक संपूर्ण उद्योग बनाने में मदद की। नतीजतन, करीब 30 साल पहले, 30 प्रतिशत से अधिक वैश्विक चिप निर्माण अमेरिका में होता था। फिर अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी निर्माण क्षेत्र खोखला हो गया।
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वैश्विक चिप निर्माण उद्योग अपने संयंत्र स्थापित करने के लिए चीन-जापान जैसे देशों के बजाय उनके देश को तरजीह दे रहा है। उन्होंने कहा- चीन, जापान, उत्तर कोरिया और ईयू देश चिप निर्माताओं को आकर्षित करने में अरबों डॉलर निवेश कर रहे हैं लेकिन इस क्षेत्र के उद्योगपति हमारा चुनाव कर रहे हैं। दरअसल, उन्हें लगता है कि अमेरिका अपने पुराने रंग में लौट आया है और नेतृत्व कर रहा है।
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बाइडन ने ओहायो के न्यू अल्बानी में ‘इंटेल ग्राउंडब्रेकिंग साइट’ पर देश में इन कंपनियों के दो बड़े निवेश का जिक्र भी किया। इंटेल की नई निर्माण सुविधा की नींव रखे जाने पर उन्होंने कहा, इंटेल यहीं, ओहायो में भविष्य के एक कार्यबल का निर्माण करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस चिप का आविष्कार किया। इसने नासा के चंद्रमा मिशन को संचालित किया। बीच में इस काम में अमेरिकी बाजार ठंडा पड़ा, लेकिन कोरोना काल में इनकी निर्माण लागत बढ़ जाने के कारण उद्योगपति फिर से अमेरिका का रुख करने लगे हैं।
दुनिया का सिर्फ 10 फीसदी चिप निर्माण
तीन दशक पहले तक संघीय निवेश ने चिप निर्माण की लागत घटाने समेत बाजार व इसे एक संपूर्ण उद्योग बनाने में मदद की। नतीजतन, करीब 30 साल पहले, 30 प्रतिशत से अधिक वैश्विक चिप निर्माण अमेरिका में होता था। फिर अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी निर्माण क्षेत्र खोखला हो गया। कंपनियों ने खासकर औद्योगिक मध्य पश्चिम से विदेशों में नौकरियां स्थानांतरित कर दीं। इस कारण आज अमेरिका दुनिया का सिर्फ 10 फीसदी चिप निर्माण कर रहा है।