अपने देश के अस्तित्व के लिए लड़ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका से और लड़ाकू विमान भेजने और रूस से तेल आयात कम करने की ‘भावुक’ अपील की है, ताकि रूसी हमले का मुकाबला कर सकें। जेलेंस्की ने अमेरिकी सांसदों को निजी तौर पर किए वीडियो कॉल में कहा, संभव है कि वे उन्हें आखिरी बार जिंदा देख रहे हों। यूक्रेन के राष्ट्रपति राजधानी कीव में ही मौजूद हैं, जिसके उत्तर में रूसी बख्तरबंद टुकड़ियों का जमावड़ा है।
सेना की हरे रंग की शर्ट में सफेद दीवार की पृष्ठभूमि में यूक्रेन के झंडे के साथ नजर आ रहे जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन को अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा करने की जरूरत है और यह या तो उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) द्वारा उड़ान वर्जित क्षेत्र लागू करने से या अधिक लड़ाकू विमानों के भेजे जाने से ही हो सकता है। जेलेंस्की कई दिनों से उड़ान वर्जित क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नाटो का कहना है, ऐसे कदम से रूस के साथ लड़ाई बढ़ सकती है।
बेहद हताश दिखे जेलेंस्की
सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने कहा कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हताश होकर गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि अमेरिका पूर्वी यूरोपीय साझोदारों से विमानों को भेजे। मैं वह सबकुछ करूंगा जो प्रशासन को उनके हस्तातंरण में मदद करने के लिए कर सकता हूं।
यूक्रेन का दावा : रूस के 11,000 सैनिक मारे
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार मिखाइलो पोदोलियाक ने कहा कि पिछले 10 दिन में ‘आक्रमणकारी’ के 11,000 सैनिक, 300 टैंक, 40 विमान, 48 हेलिकॉप्टर और 12 से अधिक आर्टिलरी सिस्टम नष्ट किए गए। यह आंकड़ा 6 मार्च सुबह तक का है, कड़ा युद्ध जारी है, आगे और नुकसान होगा।