ऑपरेशन गंगा के तहत वापस लाए गए भारतीय नागिरक (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भारत सरकार ऑपरेशन गांगा के माध्यम से भारतीय नागिरकों को यूक्रेन से वापस लाने में जुटी हुई है। यूक्रेन के कीव में केरल का एक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी के साथ फंस गया था। ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय दूतावास के कर्मचारियों ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस पर व्यक्ति ने अपने बच्चों के नाम ऑपरेशन गंगा के नाम पर रखने का फैसला लिया है।
केरल के रहने वाले अभिजीत कीव में एक रेस्टोरेंट चलाते थे और युद्ध के बीच अपनी नौ महीने के गर्भवती पत्नी के साथ फंस गए थे। अब वह पोलैंड के रोजजोव में भारतीय दूतावास द्वारा स्थापित एक आश्रय कक्ष में सुरक्षित हैं।
एएनआई से बातचीक में अभिजीत ने हमलों के बीच से सुरक्षित जगह आ जान पर खुशी जताई। अभिजीत ने कहा कि मेरी पत्नी नौ महीने की गर्भवती है और पोलैंड के अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्नी और बच्चे दोनों स्वस्थ हैं और 26 मार्च को डिलीवरी की संभावना है। ऐसे में मैंने फैसला लिया है कि भारत द्वारा शुरू किए गए बचाव अभियान ऑपरेशन गंगा पर मेरे बच्चों के नाम रखे जाएंगे। अभिजीत ने बताया कि वह भारत वापस लौट रहे हैं लेकिन उनकी पत्नी अभी पोलैंड के अलस्पताल में भर्ती रहेंगी।
अभिजीत ने कहा कि वह कीव में एक छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते थे और युद्ध के दौरान कीव में फंस गए थे। भारत सरकार के ऑपरेशन गंगा की वजह से मैं अपनी पत्नी के साथ पोलैंड सुरक्षित आ पाया। इसके लिए मैं भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। अपनी खुशी का इजहार करते हुए अभिजीत ने कहा कि यूक्रेन से पोलैंड आने में मेरा एक भी रुपया नहीं लगा।
बता दें कि भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा ऑपरेशन शुरू किया गया है। 1 मार्च को भारतीय वायु सेना को भी ऑपरेशन में लाया गया। भारतीयों की सहायता के लिए ऑपरेशन गंगा का एक ट्विटर हैंडल भी बनाया गया है।