प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 23 अगस्त को हो रही यूक्रेन यात्रा से पहले वहां मौजूद भारतीय समुदाय ने उनके नाम खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी से संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से मानवीय मदद के साथ साथ रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में सहायता की भी अपील की है।
यूक्रेन में मौजूद 200 से अधिक भारतीयों के हस्ताक्षर वाली इस खुली चिट्ठी में पीएम मोदी से आग्रह के साथ कहा गया है कि, आपका नेतृत्व और हस्तक्षेप इस युद्ध संकट का सही समाधान निकालने में कारगर हो सकता है। साथ ही इससे मानवीय मूल्यों और लोकतांत्रिक मानकों के लिए भारत का समर्थन भी जाहिर होगा।
भारतीय समुदाय ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि यूक्रेन की सीमाओं पर चारों तरफ से रूसी सेना के हमले हो रहे हैं। मिसाइल और हवाई हमलों का शिकार केवल सैन्य ठिकाने नहीं होते बल्कि आम नागरिक और बच्चे भी इसमें जान गंवा रहे हैं। इस लड़ाई ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप में अब तक के सबसे बड़ा आंतरिक विस्थापन संकट खड़ा कर दिया है।
हालांकि रूस-यूक्रेन संकट पर संभावित भारतीय शांति प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव तन्मय लाल ने कहा कि भारत सतत रूप से और साफ शब्दों में यह कहता रहा है कि बातचीत व कूटनीति से ही इस विवाद का समाधान संभव है। लिहाजा बातचीत बहुत जरूरी है। इतना ही नहीं भारत ने यह भी कहा कि स्थाई शांति उन्हीं विकल्पों से संभव है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों।
विदेश मंत्रालय अधिकारियों ने दोहराया कि भारत लगातार सभी पक्षों के साथ संपर्क में है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की रूस और यूक्रेन के नेताओं से बात हुई थी. भारत इस जटिल समस्या के शांतिपूर्ण समाधान में हर संभव सहायता देने को तैयार है। बाकी पीएम मोदी के यूक्रेन दौर में दोनों नेताओं की बातचीत से क्या निकलता है इसका इंतजार किया जाना चाहिए।
भारत के वसुधैव कुटुंबकम वाले विचार को दोहराते हुए भारतीय समुदाय के लोगों ने कहा कि वो बड़ी उत्सुकता से पीएम मोदी के यूक्रेन दौरे का इंतजार कर रहे हैं। भारत और यूक्रेन के 30 साल पुराने राजनयिक संबंधों में यह पहला मौका है जह भारतीय पीएम कीव में होंगे।
यूक्रेन संकट के मद्देनजर सैन्य ताकत से विवादों के समाधान को खारिज करने वाले पीएम मोदी के बयान का स्वागत करते हुए यूक्रेन में मौजूद भारतीयों ने अपने पत्र में कहा कि हम सभी यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करते हैं।
क्या है प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का कार्यक्रम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 अगस्त की देर शाम पोलैंड और यूक्रेन के दौरे पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को जहां पोलैंड में होंगे। वहीं 23 अगस्त को वो कीव जाएंगे जहां उनकी मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमीर जेलेंस्की से होनी है।
पीएम मोदी और जेलेंस्की जून 2024 में इटली में हुई जी-7 शिखर बैठक के दौरान भी मिले थे। वहीं जुलाई में पीएम मोदी ने मॉस्को की यात्रा कर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। भारत के प्रधानमंत्री दुनिया के इकलौते नेता हैं जिन्होंने महज एक महीने के भीतर रूस और यूक्रेन दोनों देशों के नेताओं से मुलाकात की है।