अजोवस्टाल स्टील फैक्ट्री के भीतर से लड़ रहे यूक्रेनी सैनिकों के डिप्टी कमांडर स्वीआतोस्लाव पाल्मर ने कहा है कि गोला-बारूद, खाद्य पदार्थों, पानी और दवाओं की कमी के बावजूद रूसी सेना से उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
मारियूपोल की अजोवस्टाल स्टील फैक्ट्री में फंसे करीब 600 घायल यूक्रेनी सैनिकों और विदेशी लड़ाकों की निकासी के लिए यूक्रेन और रूस के बीच बहुत जटिल वार्ता चल रही है। इस वार्ता में यूक्रेन ने अपने सैनिकों के बदले में रूसी युद्धबंदियों को रिहा करने का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यह बात कही है। समय बीतने के साथ ही रूसी सेना से घिरे इन घायल जवानों की हालत बिगड़ती जा रही है।
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अमेरिका से मदद का अनुरोध किया
अजोवस्टाल स्टील फैक्ट्री के भीतर से लड़ रहे यूक्रेनी सैनिकों के डिप्टी कमांडर स्वीआतोस्लाव पाल्मर ने कहा है कि गोला-बारूद, खाद्य पदार्थों, पानी और दवाओं की कमी के बावजूद रूसी सेना से उनकी लड़ाई जारी रहेगी। यह लड़ाई यूक्रेनी सैनिकों की आखिरी सांस तक चलेगी। इंटरनेट मीडिया के जरिए अमेरिकी जनरलों से वार्ता में पाल्मर ने करीब 600 घायल सैनिकों को फैक्ट्री से निकालने के लिए अमेरिका से मदद का अनुरोध किया।
यूक्रेनी सेना ने कहा है कि पूर्वी भूभाग में स्थित डोनेस्क और लुहांस्क इलाकों में रूसी सेना नए कस्बों और गांवों पर हमले कर रही है। सभी स्थानों पर उसका यूक्रेनी सैनिकों और क्षेत्रीय लोग कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। डोनबास क्षेत्र के अविदिव्का शहर में हुए रूसी हमले में 12 लोग घायल हुए हैं।
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रूसी सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया
यूक्रेन की एयरबोर्न कमांड ने फोटो और वीडियो जारी करते हुए बताया है कि सिवरस्की डोनेट्स नदी पर बने पैंटून ब्रिज को उड़ाकर रूसी सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। इस सप्ताह के दो दिनों में रूसी सेना के 73 टैंक और अन्य सैन्य वाहन और उपकरण नष्ट किए गए हैं। जबकि ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना के एक हजार जवानों का दस्ता इस हमले की चपेट में आया है। रूसी टैक्टिकल ग्रुप की एक बटालियन में एक हजार सैनिक होते हैं। पैंटून ब्रिज के जरिए पूरी बटालियन नदी पार कर रही थी, तभी पुल उड़ाया गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि युद्ध की समयसीमा के बारे में कोई अनुमान नहीं लगा सकता है। युद्ध कितने समय तक चलेगा यह काफी हद तक यूक्रेन के सहयोगी, यूरोपीय देश और बाकी के स्वतंत्र देश तय करेगें। वे जब तक यूक्रेन का साथ देंगे, यूक्रेन तब तक लड़ाई लड़ेगा। जेलेंस्की ने रूस पर प्रतिबंध लगाने, उन्हें मजबूती से लागू करने और यूक्रेन को सैन्य व आर्थिक मदद देने वाले देशों का शुक्रिया जताया।