रूस ने यूक्रेन के साथ अगले दौर की शांति वार्ता के लिए दो जून का प्रस्ताव रखा है। यह वार्ता तुर्किये के शहर इस्तांबुल में हो सकती है। पहले दौर की वार्ता भी इस्तांबुल में ही हुई थी। दोनों देशों के बीच वेटिकन या जिनेवा में वार्ता की अटकलों के बीच बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस्तांबुल में वार्ता का प्रस्ताव रखने की जानकारी दी।
रूस और यूक्रेन के बीच अगले दौर की शांति वार्ता दो जून को तुर्किये के शहर इस्तांबुल में हो सकती है। क्रेमलिन ने इसका प्रस्ताव रखा है। यह जानकारी बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दी। हालांकि, यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि रूस और यूक्रेन के बीच अगले दौर की शांति वार्ता वेटिकन या जिनेवा में हो सकती है। लेकिन, रूस ने तुर्किये के इस्तांबुल को प्राथमिकता दी। पहले दौर की वार्ता भी यहीं पर हुई थी।
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रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने बुधवार शाम को जारी एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में रूस का प्रतिनिधिमंडल दो जून को इस्तांबुल में यूक्रेन को ज्ञापन सौंपने के लिए तैयार है।
रूसी विदेश मंत्री लावरोव का बयान
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के हवाले से लावरोव ने कहा, 'जैसा कि हमने सहमति जताई थी, रूसी पक्ष ने तुरंत एक प्रासंगिक ज्ञापन तैयार किया, जिसमें संकट के पीछे की वजहों को कैसे दूर किया जा सकता है, इसकी पूरी जानकारी दी गई है। व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधिमंडल यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल को यह ज्ञापन प्रस्तुत करने और अगले सोमवार, 2 जून को इस्तांबुल में होने वाली सीधी वार्ता के दूसरे दौर के दौरान आवश्यक स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार है।'
दो घंटे से भी कम समय तक चली पहले दौर की वार्ता
रूस और यूक्रेन के बीच पहले दौर की शांति वार्ता दो घंटे से भी कम समय तक चली। इस दौरान रूसी वार्ताकारों ने दोनों पक्षों के 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करने तथा युद्ध विराम की संभावना तलाशने के लिए अपनी मांगों का ज्ञापन तैयार करने पर सहमति जताई थी।
जेलेंस्की ने पुतिन के साथ सीधी वार्ता की रखी है मांग
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सीधी वार्ता की मांग रखी है, जिसके जवाब में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि यह तभी संभव होगा, जब दोनों पक्षों के वार्ताकार किसी स्थायी शांति समझौते पर पहुंचेंगे।