फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को कीव दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कीव के एक उपनगर में रूसी बलों द्वारा नरसंहार की घटनाओं पर चिता जताई और इसे बिल्कुल गलत करार दिया। दरअसल, मैक्रों यूक्रेन के प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए यूरोप के अन्य नेताओं के साथ यात्रा के दौरान इरपिन शहर में बात कर रहे थे। उन्होंने हमलों की बर्बरता की निंदा की। उन्होंने इरपिन और कीव क्षेत्र के अन्य शहरों के निवासियों के साहस की प्रशंसा की, जिन्होंने रूसी सेना को राजधानी पर हमला करने से रोका।
दरअसल, फ्रांस, जर्मनी, इटली और रोमानिया के नेता यूक्रेन के लोगों के प्रति सामूहिक यूरोपीय समर्थन दिखाने के एक प्रयास के तहत कीव पहुंचे थे, जो रूस के आक्रमण का विरोध कर रहे हैं। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद यह यूक्रेन की राजधानी की सबसे हाईप्रोफाइल यात्रा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और इतालवी प्रधानमंत्री मारियो द्राघी ने यूक्रेन के अधिकारियों द्वारा मुहैया कराई गई एक विशेष ट्रेन में एकसाथ कीव की यात्रा की। तीनों देश यूरोप की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
रोमानिया के राष्ट्रपति क्लाउस इओहानिस एक अलग ट्रेन में पहुंचे और ट्वीट किया कि यह अवैध रूसी आक्रमण बंद होना चाहिए। कीव में ट्रेन से उतरने के बाद मैक्रों ने कहा कि वह और अन्य नेता उन जगहों का दौरा करेंगे जहां हमले हुए हैं। मैक्रों ने कहा कि यह यूक्रेन के लोगों के लिए वर्तमान और भविष्य के लिए यूरोपीय एकता का संदेश है क्योंकि आने वाले सप्ताह बहुत कठिन होंगे।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब रूसी सेनाएं पूर्वी डोनबास क्षेत्र में अपने आक्रमण को बढ़ा रही हैं, धीरे-धीरे लेकिन यूक्रेनी बलों पर बढ़त हासिल कर रही हैं। यूक्रेन की सेना पश्चिमी देशों से अधिक हथियारों के लिए अनुरोध कर रही है।
जब यूरोपीय नेता अपने होटल में अपनी आगे की यात्रा के लिए तैयारी कर रहे थे, तभी हवाई हमले के सायरन बज उठे और कीव के अधिकारियों ने लोगों से शरण लेने का आग्रह किया। इस तरह के अलर्ट अक्सर सामने आते हैं। होटल से बाहर निकलते ही मैक्रों ने अपने दिल पर हाथ रखते हुए कहा कि मैं यूक्रेन के लोगों के लिए अपना आदर दिखाना चाहता हूं।