यूक्रेन को मिला ईयू के उम्मीदवार का दर्जा
रूस-यूक्रेन युद्ध के 121वें दिन चार माह बीत जाने के बाद यूक्रेन ने यूरोपीय संघ (ईयू) की सदस्यता हासिल करने का एक पड़ाव पार कर लिया है। ईयू ने यूक्रेन को उम्मीदवार का दर्ज दे दिया है, जिसके बाद वह यूरोपीय सदस्यता हासिल करने का प्रत्याशी बन गया है। यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला डेर लेयेन ने इसे ऐतिहासिक बताया जबकि यह रूस से तनाव बढ़ाएगा।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने पुष्टि की कि ईयू नेताओं ने यूक्रेन को उम्मीदवार का दर्ज देने का फैसला किया है। यह ईयू सदस्यता हासिल करने का पहला कदम है। 24 फरवरी को रूस से छिड़ी जंग के बाद ही यूक्रेन ने ईयू सदस्यता के लिए आवेदन किया था।
हालांकि यूक्रेन को सदस्य बनने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है लेकिन उम्मीदवार का दर्जा मिलने से पहले से ही चल रही जंग और खतरनाक हो सकती है। दरअसल, रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन ईयू सदस्य बने। यूक्रेन के इस कदम को रूस अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। ईयू सदस्यता से यूक्रेन को यूरोप का खुला बाजार व सैन्य सहयोग मिल जाएगा।
दो पड़ाव और पार करने होंगे
यूक्रेन को ईयू के उम्मीदवार का दर्जा मिलने के बाद सदस्यता हासिल करने के लिए अभी दो और पड़ाव पार करने होंगे। पहले पड़ाव में उसे नेगोसिएशन फेस से गुजरना होगा। इसमें यूक्रेन को ईयू की सारी शर्तें मानते हुए नियम-कायदों के पालन का वादा करना होगा। दूसरे पड़ाव में यह मामला यूरोपीय परिषद के पास जाएगा जहां सभी 27 देशों की मंजूरी जरूरी होगी। यदि एक भी सदस्य उसके खिलाफ गया तो यूक्रेन को ईयू सदस्यता नहीं मिल सकेगी।
रूसी सेना का मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, चार की मौत
रूसी सेना का एक मालवाहक विमान आईएल-76 शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी रियाजान क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में चालक दल के कम से कम चार सदस्यों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि विमान के इंजन में कुछ गड़बड़ी आ गई थी जिससे चालक दल को ‘क्रैश लैंडिंग’ के लिए मजबूर होना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चार इंजन वाले आईएल-76 को 1970 के दशक में डिजाइन किया गया था और इसने सोवियत और रूसी वायु सेना के लिए मुख्य मालवाहक विमान के रूप में काम किया है। यह दुनिया भर के कई देशों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।