रूस पर बरसा फ्रांस
ब्रिटिश राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने परिषद से कहा कि 24 फरवरी के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रूस ने लगातार दुष्प्रचार किया है, जिसमें डर्टी बमों, रासायनिक हथियारों और जैविक अनुसंधानों के बारे में खोखले दावे शामिल हैं। उन्होंने पूछा, हमें इस बकवास को कब तक झेलना होगा। फ्रांसीसी राजदूत निकोलस डि रिवेरे ने कहा कि रूस कोशिश कर रहा है कि हम यह भूल जाएं कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वसीली नेबेंजिया ने अमेरिका पर यूक्रेन में प्लेग, एंथ्रेक्स और इन्फ्लूएंजा जैसे घातक रोग फैलाने का आरोप लगाया।
चलो, दुश्मनी बंद करो, साथ रहते हैं
रूसी राष्ट्रपति ने कहा, रूस का पश्चिम और नाटो के अग्रणी देशों के लिए एक संदेश है- चलो दुश्मन बनना बंद करो, चलो एक साथ रहते हैं। हालांकि इस बयान पर अमेरिका ने कहा, उनकी यह टिप्पणी नई नहीं है, क्योंकि पुतिन एटमी जंग की धमकी भी दे चुके हैं। उधर, पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन से बातचीत के लिए तैयार थे, लेकिन यूक्रेन कभी वार्ता की मेज पर नहीं बैठा।
उन्होंने कहा, हमसे ये नहीं पूछा जाना चाहिए कि हम बातचीत को तैयार हैं या नहीं। बल्कि यूक्रेनी नेताओं ने रूस से बातचीत न करने का फैसला किया। अगर अमेरिका यूक्रेन को समस्या हल करने की इजाजत देता है तो संघर्ष को खत्म करना आसान है।
यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इन्कार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के किसी भी इरादे से इन्कार किया लेकिन वहां के संघर्ष को पश्चिम द्वारा अपने वैश्विक प्रभुत्व को सुरक्षित करने के कथित प्रयासों का हिस्सा बताया। उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक प्रभुत्व की पश्चिमी कोशिश नाकाम होगी।
पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय विदेश नीति विशेषज्ञों के एक सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि रूस के लिए यूक्रेन पर परमाणु हथियारों से हमला करना निरर्थक है। उन्होंने कहा, हमें इसकी कोई जरूरत नहीं दिख रही है। इसका कोई सियासी या सैन्य मतलब भी नहीं है।
यूक्रेन भर में 40 लाख लोग बिजली कटौती से प्रभावित
राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूस के बमबारी के कारण यूक्रेन भर में 40 लाख लोग बिजली कटौती से प्रभावित हुए हैं।